अमृतसर में रावी दरिया के टूटे बांध को बांधने में जुटे स्थानीय लोग।
पंजाब में आज भारत मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) की तरफ से कोई भी अलर्ट जारी नहीं किया गया है। अगले 5 दिनों तक भी ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है। हालांकि, मालवा के कुछ जिलों को छोड़कर, अन्य पंजाब में सामान्य बारिश होने के हालात बने रहेंगे। इसके साथ ही तापम
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12 दिनों के बाद आज पंजाब के स्कूल-कॉलेज दोबारा खुल रहे हैं। बाढ़ग्रस्त इलाकों में शिक्षण संस्थान अगले आदेश तक बंद रहेंगे। स्कूल के हालातों का जायजा लेने की जिम्मेदारी प्रिंसिपल की होगी। स्कूल की हालत ठीक है और बच्चों व अध्यापकों के लिए यह पूरी तरह से सुरक्षित है, इसकी जांच के बाद सभी स्कूल अपनी रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को भेजेंगे। सरकार का फैसला भी स्पष्ट है कि अगर कोई घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन या प्रिंसिपल की होगी।
बाढ़ के हालातों को लेकर पंजाब सरकार भी सतर्क है। कल PM नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान सेहत खराब होने के बाद भी आज कैबिनेट की बैठक लेने जा रहे हैं। वे मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में दाखिल हैं। इस दौरान वे अस्पताल से ही कैबिनेट के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। वहीं, दूसरी तरफ़ सभी मंत्री उनके निवास पर जुटेंगे।
उत्तर भारत में बारिश का प्रकोप कम हुआ है। आवक कम होने के बाद डैमों का जलस्तर भी गिरने लगा है, जिसके बाद डैमों से निकासी भी कम की जा रही है, ताकि नदियों में जलस्तर सामान्य हो सके। भाखड़ा का जलस्तर लगातार गिर रहा है। वे ख़तरे के निशान से तकरीबन 2 फीट कम है। वहीं रविवार शाम पोंग डैम का जलस्तर 1392.97 फीट दर्ज किया गया, जो ख़तरे के निशान से तकरीबन 7 फीट कम है।
लुधियाना में ससराली बांध का हिस्सा ठीक कर लिया गया है। प्रशासन की टीमें लगाकर बांध पर नजर बनाए हुए है।
पंजाब में बाढ़ की मौजूदा स्थिति…
23 जिलों में बाढ़ का असर: 23 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें अमृतसर, बरनाला, बठिंडा, फरीदकोट, फतेहगढ़ साहिब, फिरोजपुर, फाजिल्का, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, मलेरकोटला, मानसा, मोगा, पठानकोट, पटियाला, रूपनगर, संगरूर, एसएएस नगर, श्री मुक्तसर साहिब, एसबीएस नगर और तरनतारन शामिल हैं।
1996 गांव डूबे: राज्य के 1996 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। अमृतसर के 195, गुरदासपुर के 329, बरनाला के 121, बठिंडा के 21, फिरोजपुर के 108, होशियारपुर के 173, कपूरथला के 145, पठानकोट के 88, मोगा के 52, जालंधर के 93, फाजिल्का के 80, फरीदकोट के 15, लुधियाना के 77, मुक्तसर के 23, एसबीएस नगर के 28, एसएएस नगर के 15, संगरूर के 107 और मानसा के 95 गांव ज्यादा प्रभावित हैं। इसके अलावा मलेरकोटला के 12, पटियाला में 105, रूपनगर में 44 और तरनतारन में 70 गांव पानी में घिरे हुए हैं।
3.84 लाख से ज्यादा आबादी प्रभावित: कुल 3,87,013 से अधिक लोग अब तक प्रभावित हो चुके हैं। सबसे ज्यादा असर अमृतसर (1,36,105), गुरदासपुर (1,45,000) और फाजिल्का (24,930) में देखने को मिला है। इसके अलावा फिरोजपुर, कपूरथला, मोगा, संगरूर और मोहाली में भी हजारों लोग संकट में हैं।
46 लोगों की अब तक मौत हुई: अब तक 12 जिलों में 46 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें अमृतसर (7), बरनाला (5), बठिंडा (4), होशियारपुर (7), लुधियाना (4), मानसा (3), पठानकोट (6), गुरदासपुर (2), एसएएस नगर (2), फिरोजपुर (1), फाजिल्का (1), रूपनगर (1), पटियाला (1) और संगरूर (1) शामिल हैं। पठानकोट जिले से 3 लोग लापता हैं। वहीं, पशुधन नुकसान का सटीक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है, लेकिन बड़ी संख्या में पशु बाढ़ की चपेट में आए हैं।
22,854 लोगों को सुरक्षित निकाला: कुल 21,854 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर निकाला गया है। इनमें फिरोजपुर में 3888, अमृतसर से 3260, बरनाला से 627, होशियारपुर से 1616, कपूरथला से 1428, जालंधर से 511, मोगा से 155, रूपनगर से 248, पठानकोट से 1139 और तरनतारन से 21 लोग शामिल हैं।
219 राहत शिविर सक्रिय: राज्यभर में 219 राहत शिविर सक्रिय हैं, जिनमें अमृतसर, बरनाला, बठिंडा, फतेहगढ़ साहिब, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, मोगा, मोहाली, पठानकोट, पटियाला, रूपनगर, संगरूर और एसएएस नगर शामिल हैं। इन शिविरों में 7377 लोग रह रहे हैं।
बाढ़ से अब तक 1,74,454 हेक्टेयर फसल प्रभावित: पंजाब में बाढ़ से अब तक 1,74,454 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। सबसे ज्यादा नुकसान गुरदासपुर (40,169) में हुआ।
