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सिरसा जिला सिविल अस्पताल में डिलीवरी के बाद बच्चा पैदा होने के नाम पर जच्चा-बच्चा के परिजनों से जबरदस्ती बधाई मांगने के मामले में कार्रवाई न होने से तीमारदारों में रोष का माहौल है। तीन दिनों से गायनी का स्टाफ जांच में शामिल नहीं हुआ है। इस वजह से गायनी स्टाफ के बयान दर्ज नहीं हो सके हैं। इस पर तीमारदारों का कहना है कि पीएमओ ने स्टाफ नर्सों के बयान दर्ज कर ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अस्पताल प्रशासन की ओर से सभी स्टाफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया हुआ था, जिसका अभी तक जवाब नहीं भेजा है। इससे स्टाफ की भूमिका शक बढ़ गया है। अभी तक गायनी वार्ड का स्टाफ भी नहीं बदला है। हालांकि, पिछले दो दिनों से गायनी वार्ड में ये मामला चर्चा में हैं। इसके चलते तीमारदारों को कुछ राहत मिली है और उनसे पैसों की डिमांड नहीं की गई है। कार्यकारी पीएमओ डॉ. आरके दहिया का कहना है कि अभी स्टाफ के बयान दर्ज नहीं हुए हैं। उनको बुलाया गया है। अवकाश के चलते बयान नहीं हो पाए। सभी को जांच में शामिल कर बयान लिए जाएंगे। इसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। स्टाफ का ये रवैया गलत था, जिस पर कार्रवाई की जानी है। वहीं, गायनी इंचार्ज से भी जानकारी मांगी गई है।
कार्रवाई नहीं हुई तो उठाएंगे अगला कदम मामले में शिकायतकर्ता ऐलनाबाद निवासी युवक ने बताया कि इस बारे में पीएमओ से बात की थी और उन्होंने बताया कि स्टाफ के बयान लेना बाकी है। इसके बाद सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अगर कार्रवाई नहीं हुई तो अगला कदम उठाएंगे। अभी कुछ समय तक इंतजार करेंगे। यहां जानिए क्या है पूरा मामला दरअसल, अस्पताल में प्रसूति वार्ड में सोमवार रात को दो महिलाओं के बच्चा होने पर वार्ड स्टाफ उनके परिजनों से 2100-5100 रुपए बधाई लेने पर अड़ गया। इस पर तीमारदार व स्टाफ के बीच बहस हो गई और पैसे न देने पर काफी देर तक बहस चली। इस बीच किसी ने वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
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