जयपुर5 घंटे पहले
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जयपुर में गुप्त वृंदावन धाम की ओर से आयोजित इंटरनेशनल गीता ओलिंपियाड-2026 का पुरस्कार वितरण समारोह रविवार को आयोजित किया गया। समारोह में विजेताओं को ‘गीता रत्न’, ‘गीता विभूषण’ और ‘गीता भूषण’ सम्मान से नवाजा गया।
ऑनलाइन प्रतियोगिता में देश-विदेश के 24 राज्यों और 161 शहरों से 2790 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। आयोजन में पहली बार प्रतियोगिता को निःशुल्क रखा गया। इस वर्ष प्रतिभागियों को विशेष रूप से श्रीमद्भगवद्गीता के अध्याय 13 से 18 तक का अध्ययन करवाया गया।
प्रतियोगिता में जयपुर के डॉ. केवल कृष्ण गुप्ता ने पहला स्थान प्राप्त कर 51 हजार रुपए का ‘गीता रत्न’ पुरस्कार हासिल किया। वहीं कोटा के यशस्वी श्रृंगी ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर 21 हजार रुपए का ‘गीता विभूषण’ सम्मान जीता। तृतीय स्थान पर रही कोटा की नेहा महावर को 11 हजार रुपए के ‘गीता भूषण’ सम्मान से सम्मानित किया गया।
गीताश्री, गीता पुरस्कार और मेरिट सर्टिफिकेट दिए गए
समारोह में अन्य विजेताओं को ‘गीताश्री’, ‘गीता पुरस्कार’ एवं मेरिट सर्टिफिकेट्स भी दिए गए। साथ ही प्रतिभागियों के लिए जयपुर हेरिटेज और देव-दर्शन यात्रा का आयोजन किया गया। इसमें जयपुर के प्राचीन मंदिरों, ऐतिहासिक धरोहरों और वृंदावन से पधारे गोविंददेवजी सहित सात प्रमुख विग्रहों की परंपरा से जुड़े स्थलों के दर्शन करवाए गए। प्रतिभागियों को जयपुर की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से भी परिचित कराया गया।
गुप्त वृंदावन धाम के अध्यक्ष अमितासना दास ने विजेताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवद्गीता जीवन का आध्यात्मिक प्रकाश है। इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य स्तर पर शुरू किया गया गीता ओलिंपियाड अब वैश्विक स्वरूप ले चुका है।

