रेवाड़ी में बावल के सेक्टर-5 की केमिकल कंपनी में बचाव एवं राहत का कार्य शनिवार को भी जारी रहा। मुंबई से आने वाली टेक्नीकल टीम का दिनभर साइट पर इंतजार रहा। इससे पहले शुक्रवार को मधुबन एक्सर्ट की टीमनकंपनी में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था। उम्मीद जताई जा रही है कि रविवार शाम तक पहुंच सकती है।
बावल की GLS केमिकल फैक्ट्री में 19 मई की सुबह आग भड़क गई थी। जिसकी चपेट में आने से झुलसे 6 कर्मियों से एक की मौत हो चुकी है। जबकि दो अभी भी लापता हैं।
केमिकल सबसे बड़ी बाधा राहत एवं बचाव में लगी टीमों के लिए कंपनी में केमिकल की मौजूदगी सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। बताया जाता है कि कंपनी में ऐसे केमिकल भी हैं। जिनसे तापमान 60 डिग्री पहुंचने पर ही आग भड़क सकती है। जिससे बचाव में लगी टीमें बड़ी मशीनों, ड्रिल व कटर का प्रयोग से बच रही है।
केमिकल के ड्रेमों के लेबल भी जल चुके हैं। जिससे केमिकल की पहचान करना मुश्किल हैं।जेबीसी जैसे संसाधनों का प्रयोग कर रास्ता बनाने का प्रयास किया जा रहा है। जिससे आग लगने के बाद मलबे में तब्दील हो चुके सामान को साफ किया जा सके।
यह भी जानिए बावल की GLS केमिकल कंपनी में 19 मई की सुबह लगी आग में मेटीनेंस यूनिट में काम करने वाले 6 कर्मचारी झुलस गए थे। जिनमें से हरिबाबू की मौत हो चुकी है। झुलसे पांच अन्य प्रवेश, विक्रम, अमित और प्रदीप में से एक की हालात अभी भी क्रिटिकल बताई जा रही है। बिहार के शेखपुरा के गांव केबलबीघा निवासी 26 वर्षीय धर्मेंद्र 26 और बिहार नालंदा के सिन्तु निवासी 45 वर्षीय सत्येंद्र पासवान अभी भी लापता हैं।
बचाव कार्य जारी डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि मुबंई से आने वाली टीमें आज नहीं पहुंच पाई। रविवार शाम तक पहुंचने की संभावना है। लोकल स्तर पर आग लगने के बाद कंपनी में जमा मलबे को हटाने का काम जारी है। बचाव का काम कब तक चलेगा। इस बारे में स्पष्ट रूप से कुछ भी कहना सही नहीं है।
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