हरियाणा सरकार परिवार पहचान पत्र (PPP) 2.0 परियोजना लागू करने जा रही है। सरकार का दावा है कि यह पूरा AI बेस्ड होगा, जो सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाएगा। इस नए पहचान पत्र में कई खासियतें होंगी, जैसे एक डॉक्यूमेंट से पूरे परिवार की वर्थ वैल्यू यानी पूरी कमाई का पता चलेगा। सरकार दावा कर रही है कि इससे आय और संपत्ति के विवाद खत्म होंगे औार सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे अपात्रों की छंटनी होगी। सबसे ज्यादा खतरा उन लोगों को रहेगा, जो अभी जानकारियां छिपाकर सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। खास बात यह है कि पांच लाख रुपए तक की किसान ई-खरीद को परिवार की आमदनी में शामिल नहीं किया जाएगा। ऐज वेरिफिकेशन के लिए बड़ी संतान का जन्म प्रमाण पत्र भी मान्य होगा। इससे खासकर बुजुर्ग लोगों को राहत मिलेगी, जिनके पास खुद का जन्म प्रमाण पत्र नहीं है। AI विभिन्न प्लेटफार्म से डाटा मिलान कर गलतियों को पकड़ेगा। बैंक लोन से लेकर जमीन तक आमदनी पर सरकार की नजर रहेगी। मुख्यमंत्री ने इसे दिसंबर 2026 तक पूरी तरह लागू करने के निर्देश दिए हैं। क्या है परिवार पहचान पत्र-2.0, इसके फायदे और नुकसान क्या होंगे। उन सवालों के जवाब जो आप जानना चाहते हैं, पढ़िए पूरी रिपोर्ट…. नए पहचान पत्र में क्या होगा बदलाव और क्या असर पड़ेगा…. सवाल-जवाब में जानिए PPP 2.0 परियोजना के बारे में… सवालः परिवार पहचान पत्र (PPP) योजना है क्या?
जवाबः हरियाणा में मनोहरलाल खट्टर सरकार ने 4 जुलाई 2020 को परिवार पहचान लॉन्च किया। इस योजना के तहत हर परिवार को एक यूनिक फैमिली आईडी दी गई।
सवाल: तो PPP 2.0 क्या है?
जवाब: अब सरकार परिवार पहचान पत्र 2.0 यानी नया वर्जन लाने जा रही है। जो आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस (AI) आधारित होगा। जिसमें राज्य और केंद्र सरकार की कई योजनाओं और विभागों का डेटा एक जगह जोड़ा जाएगा। सवाल: इसमें कौन-कौन सा डेटा जोड़ा जाएगा?
जवाब: इस प्लेटफॉर्म में शिक्षा, स्वास्थ्य, भूमि रिकॉर्ड, बिजली, शहरी विकास, सामाजिक सुरक्षा, वाहन डेटा, श्रमिक योजनाएं, आयुष्मान भारत, मनरेगा, ई-श्रम, EPFO, HRMS और जनगणना सहित कई विभागों का डेटा शामिल होगा। बिजली निगम और वाहन संबंधी पूरा डेटा भी शामिल किया जाएगा। सवाल: आम लोगों को इससे क्या फायदा होगा?
जवाब: लोगों को अलग-अलग विभागों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे। कई सरकारी सेवाएं डिजिटल रूप से एक ही प्लेटफॉर्म पर मिल सकेंगी। पात्रों योजनाओं का लाभ जल्दी मिलेगा। सवाल: क्या इससे फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगेगी?
जवाब: सरकार का कहना है कि AI तकनीक की मदद से डुप्लीकेट रिकॉर्ड, फर्जी लाभार्थी और डेटा में गड़बड़ियों की पहचान आसानी से होगी। इसके अलावा स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक का डेटा इसमें जोड़ा जाएगा। राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना का रिकॉर्ड भी लिंक होगा। सवाल: मजदूर वर्ग के लिए यह योजना कैसे मददगार होगी?
जवाब: ई-श्रम, EPFO और श्रमिक कल्याण योजनाओं का डेटा जुड़ने से सरकार को संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की वास्तविक स्थिति समझने में मदद मिलेगी। सवाल: फैमिली आईडी में उम्र सत्यापन को लेकर क्या नया नियम आया है?
जवाब: अब फैमिली आईडी (PPP) में उम्र सत्यापन के लिए बड़ी संतान का जन्म प्रमाण पत्र भी मान्य होगा। उन बुजुर्ग नागरिकों को फायदा मिलेगा, जिनके पास अपना बर्थ सर्टिफिकेट नहीं है। इसके अभाव में बुढ़ापा पेंशन लगवाने में दिक्कत आती है। सवाल: किसान परिवारों को क्या लाभ होगा?
जवाब: पांच लाख रुपए तक की किसान ई-खरीद को परिवार की आमदनी में शामिल नहीं किया जाएगा। इस फैसले से विशेष रूप से बुढ़ापा पेंशन, विधवा पेंशन और विदुर पेंशन के लाभार्थियों को राहत मिल सकेगी। सवाल: बिजली बिल को लेकर क्या नया नियम बना?
सवाल: अब फैमिली आईडी में केवल बिजली बिल का वास्तविक भुगतान ही दर्ज किया जाएगा। अगर बिजली बिल में ज्यादा राशि दिखाई गई है, लेकिन उपभोक्ता ने वास्तविक भुगतान कम किया है, तो उसी भुगतान को आधार माना जाएगा। सवाल: सरकार PPP-2.0 के जरिये चाहती क्या है?
जवाब: सरकार उन अपात्रों की छंटनी करना चाह रही है, जो आय या अन्य जानकारियां छिपाकर सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। जैसे-BPL राशन कार्ड, बुढ़ापा पेंशन या इसी तरह के अन्य फायदे। सीएम ने दिसंबर 2026 तक PPP 2.0 को पूरी तरह लागू करने के निर्देश दिए हैं।
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