बाल कल्याण समिति (CWC) की पूर्व अध्यक्ष अर्चना चौधरी और उनके पति को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर फर्जी और कूट रचित (बनावटी) दस्तावेज तैयार कर अवैध तरीके से समिति का अध्यक्ष पद हासिल करने का गंभीर आरोप है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें पूछताछ के लिए रिमांड पर सौंप दिया गया है। यह पूरा मामला जुलाई 2023 से जुड़ा हुआ है। झुंझुनूं के रहने वाले राजेश अग्रवाल ने अदालत के जरिए (इस्तगासे से) कोतवाली थाने में एक मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अर्चना चौधरी और उनके पति लेफ्टिनेंट कर्नल दिनेश कुमार ने मिलकर फर्जी कागजात तैयार किए। इन फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अर्चना ने बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष का पद हासिल कर लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच लगातार कई पुलिस अधिकारियों और बड़ी विंग्स को सौंपी गई। सबसे पहले स्थानीय कोतवाली पुलिस ने शुरुआती पड़ताल की। इसके बाद तत्कालीन फतेहपुर डीएसपी को जांच सौंपी गई। इसके बाद जांच सीआईडी सीबी (CID-CB) तक पहुंची। आखिरकार, जयपुर रेंज अपराध एवं सतर्कता (Crime Vigilance) के एएसपी ने भी इसकी गहन जांच की। इन सभी स्तरों पर जांच के बाद जब फर्जीवाड़े के पुख्ता सबूत मिले, तब जाकर पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। करीब पौने तीन साल तक चली जांच के बाद दोनों आरोपियों पर शिकंजा कसा गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) देवेंद्र सिंह राजावत ने दोनों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
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