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लखनऊ में ऑपरेशन के बाद युवक की मौत पर कार्रवाई: किसान हॉस्पिटल पर लगेगा 50 हजार जुर्माना, बिना रजिस्ट्रेशन भर्ती था मरीज – Lucknow News

लखनऊ में ऑपरेशन के बाद युवक की मौत पर कार्रवाई:  किसान हॉस्पिटल पर लगेगा 50 हजार जुर्माना, बिना रजिस्ट्रेशन भर्ती था मरीज – Lucknow News

लखनऊ के दुबग्गा ​स्थित किसान हॉ​स्पिटल पर बिना पंजीकरण मरीज भर्ती किए जाने मामले में जुर्माना लगेगा। अफसरों ने दावा किया जुर्माना की रा​शि कोषागार में जमा न करने तक अस्पताल संचालन पर रोक लगाई जाएगी। आरोप है अस्पताल में हड्डी के ऑपरेशन के बाद मरीज की मौत हो गई थी। जांच के दौरान अस्पताल का पंजीकरण उस वक्त का नहीं मिला था। नर्सिंग होम के नोडल का कहना है अस्पताल पर जुर्माना लगाने की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है। ये था पूरा मामला
हरदोई के थाना बघौली ​स्थित गांव मढरिया खेड़ा के रहने वाले महेश का बेटा सूरज 18 का हादसे में पैर जख्मी हो गया था। परिजन पहले हरदोई के निजी अस्पताल ले गए। वहां से दलाल ने दुबग्गा ​स्थित किसान हॉ​स्पिटल रेफर कर दिया। किसान हॉ​स्पिटल में परिजनों ने 13 अप्रैल को भर्ती कराया था। परिजनों ने बताया अस्पताल में ऑपरेशन कराने की बजाय दूसरे निजी अस्पताल ले जाकर ऑपरेशन कराया गया। जहां से ऑपरेशन के बाद फिर से किसान हॉ​स्पिटल में भर्ती किया गया था। इस दौरान परिजनों से मिलने तक नहीं दिया गया। पिता महेश का आरोप है इलाज में लापरवाही से 15 अप्रैल की सुबह दस बजे मरीज की मौत हो गई थी। परिजनों ने मामले की​शिकायत ​दर्ज कराई थी। 50 हजार का जुर्माना लगेगा
नर्सिंग होम के नोडल डॉ. एपी सिंह ने बताया मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। कमेटी के जरिये जांच शुरू की गई तो पता चला कि जिस वक्त मरीज को भर्ती किया गया था। उस वक्त अस्पताल का पंजीकरण तक नहीं था। क्लीनिकल एस्टे​ब्लिसमेंट एक्ट के तहत बिना पंजीकरण मरीज भर्ती किए जाने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। जुर्माना न जमा करने पर अस्पताल संचालन की सेवाएं रोक दी जाएंगी।
मां हॉ​स्पिटल का बिना जुर्माना कर दिया गया पंजीकरण माल ​स्थित मां हॉ​स्पिटल में बच्चे के इलाज में लापरवाही का आरोप लगा था। सीएचसी प्रभारी डॉ.जेपी सिंह ने अपनी जांच रिपोर्ट में अस्पताल का पंजीकरण न होने की रिपोर्ट भेजा था। आरोप है विभागीय बाबू व अस्पताल संचालक ने साठगांठ करके अस्पताल का पंजीकरण तीन दिन के भीतर कर दिया। वहीं जांच भी बंद कर दी गई। अस्पताल के जरिये अवैध तरीके से संचालित होते मिलने पर क्लीनिकल एस्टे​ब्लिसमेंट एक्ट के तहत उस पर 50 हजार रुपये जुर्माना तक नहीं जमा कराया गया। अवैध अस्पताल का वैध करके संचालन की अनुमति दे दी गई।



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