मुख्य बातें

अब AI से कसी जाएगी नक्सलियों पर नकेल: नक्सल प्रभावित इलाकों में सीआरपीएफ की नई रणनीति, जल्द शुरू होगा काम – Chaibasa (West Singhbhum) News

अब AI से कसी जाएगी नक्सलियों पर नकेल:  नक्सल प्रभावित इलाकों में सीआरपीएफ की नई रणनीति, जल्द शुरू होगा काम – Chaibasa (West Singhbhum) News

पश्चिमी सिंहभूम जिले में नक्सल विरोधी अभियानों की समीक्षा करने बुधवार को सीआरपीएफ के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह पहुंचे। विशेष हेलिकॉप्टर से जिला मुख्यालय आने के बाद उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की। इस दौरान हालिया अभियानों और

.

उच्च स्तरीय बैठक में तय हुई रणनीति

सूत्रों के अनुसार, अब सुरक्षा बल नक्सलियों के खिलाफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का सहारा लेंगे। इसकी तैयारी 6 सितंबर को रायपुर में हुई उच्च स्तरीय बैठक में की गई थी। इस बैठक में सीआरपीएफ, इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी), स्पेशल ब्रांच, बीएसएफ और आईटीबीपी के अधिकारी मौजूद थे। एआई तकनीक के जरिए नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी और अभियान को और सटीक बनाने की योजना है।

अधिकारियों ने की स्थिति की समीक्षा

चाईबासा में हुई बैठक में सीआरपीएफ के डीआईजी, कोल्हान प्रमंडल के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा, पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों ने अब तक हुई कार्रवाइयों की समीक्षा की और आगे की रणनीति पर चर्चा की। सुरक्षा बलों को यह निर्देश दिया गया कि वे नक्सली गतिविधियों पर लगातार दबाव बनाए रखें।

मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य

गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। पश्चिमी सिंहभूम जिले के तिरिलपोशी, टोंटो, गोइलकेरा, गुदड़ी, झरझरा, बंदगांव और मनोहरपुर प्रखंड लंबे समय से नक्सली गतिविधियों के गढ़ रहे हैं। इन इलाकों को सुरक्षित बनाने के लिए सुरक्षा बलों ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं।

हाल के अभियानों में मिली सफलता

पिछले कुछ महीनों में सुरक्षा बलों ने कई सफल अभियान चलाए हैं। इस दौरान नक्सलियों के बंकर ध्वस्त किए गए और बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुए। बीते एक महीने में दो इनामी नक्सली भी मारे गए। लगातार हो रही कार्रवाई से नक्सली गतिविधियां सीमित हुई हैं, हालांकि कुछ दुर्गम इलाकों में अब भी उनका प्रभाव बना हुआ है।

स्थानीय लोगों का बढ़ा भरोसा

सुरक्षा बलों की लगातार मौजूदगी और अभियानों से स्थानीय लोगों का भरोसा भी बढ़ा है। अधिकारियों का मानना है कि एआई तकनीक से निगरानी और सर्च ऑपरेशन और भी प्रभावी होंगे। इसके जरिए नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों की पकड़ और मजबूत होगी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *