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चित्तौड़गढ़ के सबसे बड़े राजकीय हॉस्पिटल में इन दिनों मरीजों और उनके परिजनों के बीच मोबाइल चोरी का डर लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में दो दिन पहले रामाश्रय वार्ड में आधी रात को एक चोर घुसा और मरीजों व उनके परिजनों के तीन मोबाइल चोरी कर ले गया, जिसकी पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज सामने आने के बाद हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों और उनके साथ आए लोगों में डर का माहौल है। लोग अब इलाज के साथ-साथ अपने मोबाइल और सामान की सुरक्षा को लेकर ज्यादा चिंतित नजर आ रहे हैं। वार्डों में लगातार हो रही चोरी की घटनाएं हॉस्पिटल परिसर में मोबाइल चोरी की घटनाएं अब आम हो गई हैं और आए दिन ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। वार्डों में भर्ती मरीजों के पास रखे मोबाइल फोन को चोर बड़ी आसानी से उठा ले जाते हैं। कई बार मरीज सो रहे होते हैं और उनके पास बैठे परिजन भी नींद में होते हैं, तभी चोर मौके का फायदा उठाकर वार्ड में प्रवेश करते हैं और मोबाइल लेकर निकल जाते हैं। यह सिलसिला पिछले कुछ समय से लगातार जारी है, जिससे हॉस्पिटल आने वाले हर व्यक्ति में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। आधी रात को सक्रिय रहते हैं शातिर चोर चोरी का एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। यह फुटेज 24 तारीख की रात 2 बजकर 10 मिनट का है। सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा गया है कि ये चोर आधी रात के समय वारदात को अंजाम दिया है। जब वार्ड में सन्नाटा होता है और ज्यादातर लोग सो रहे होते हैं, तब चोर धीरे-धीरे अंदर आता हैं और बिना किसी शोर-शराबे के कुछ ही सेकेंड में मोबाइल चोरी कर लेता हैं। कई मामलों में चोरों की हरकत इतनी चालाकी भरी होती है कि पास में मौजूद लोगों को भनक तक नहीं लगती। फुटेज में चोर का चेहरा भी दिखाई दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पकड़ना चुनौती बना हुआ है। जिला और महिला-बाल हॉस्पिटल दोनों में बढ़ीं घटनाएं मोबाइल चोरी की घटनाएं केवल जिला हॉस्पिटल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि महिला एवं बाल हॉस्पिटल में भी लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। इससे साफ है कि चोरों का एक नेटवर्क सक्रिय हो सकता है, जो हॉस्पिटल को आसान निशाना बना रहा है। मरीज और उनके परिजन इस स्थिति से काफी परेशान हैं और उन्हें हर समय अपने सामान की चिंता बनी रहती है। कई लोग तो रातभर जागकर अपने मोबाइल की निगरानी करते हैं, जिससे उन्हें आराम भी नहीं मिल पाता। पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को लेकर पीड़ितों में नाराजगी बढ़ रही है। उनका कहना है कि पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। कई केस दर्ज तो हो रहे हैं, लेकिन न तो चोरी हुए मोबाइल बरामद हो पा रहे हैं और न ही किसी बड़े गिरोह का खुलासा हो रहा है। इसके अलावा कई मामलों में तो रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की जाती हैं। इससे लोगों के मन में पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठ रहे हैं और वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। प्रशासन ने पुलिस से की सख्त कार्रवाई की मांग जिला हॉस्पिटल के पीएमओ डॉ. दिनेश वैष्णव ने माना कि हॉस्पिटल में चोरी की घटनाएं कई बार हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पुलिस को कई बार सूचना दी गई है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई है। उनका कहना है कि हॉस्पिटल में मरीजों की सुरक्षा सबसे ज्यादा जरूरी है और इसके लिए जल्द ठोस कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि मरीज और उनके परिजन बिना किसी डर के इलाज करवा सकें।
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