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निवाड़ी जिला प्रशासन ने एक बुजुर्ग पिता की शिकायत पर उनके बेटे के कब्जे से दो दुकानें खाली कराईं। कलेक्टर जमुना भिड़े के आदेश पर पुलिस और राजस्व की टीम ने मौके पर पहुंचकर बुजुर्ग को उनकी संपत्ति वापस दिलाई। जेरोन खालसा के रहने वाले रामचरण सोनी और प्यारेलाल सोनी मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर के पास पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि उनके बड़े बेटे मुकेश सोनी ने उनकी खुद की दो दुकानों पर अवैध कब्जा कर ताला लगा दिया है। इससे उन्हें पैसे की तंगी हो रही थी और वे काफी परेशान थे। कलेक्टर ने वीसी के जरिए दिए तुरंत आदेश कलेक्टर जमुना भिड़े ने बुजुर्गों की पीड़ा सुनकर तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने जनसुनवाई के दौरान ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए नायब तहसीलदार वंदना सिंह को निर्देश दिए कि दुकानों का ताला तोड़कर पिता को कब्जा दिलाया जाए। कलेक्टर ने सख्त लहजे में कहा कि माता-पिता के जीवित रहते बच्चा उनकी संपत्ति पर इस तरह कब्जा नहीं कर सकता। मौके पर पहुंची टीम, दिलाया कब्जा बुधवार शाम को कलेक्टर का आदेश मिलते ही नायब तहसीलदार, थाना प्रभारी और नगर परिषद की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने दुकानों के ताले खुलवाए और अवैध कब्जा हटाकर रामचरण सोनी को उनकी दुकानें सौंप दीं। इतनी जल्दी न्याय मिलने पर बुजुर्ग पिता ने प्रशासन का शुक्रिया अदा किया। कलेक्टर ने साफ कर दिया है कि बुजुर्गों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और लोगों की समस्याओं का तुरंत हल निकालना ही उनकी प्राथमिकता है।
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