ग्वालियर के सदर बाजार सौदागर संतर में बुजुर्ग महिला को दान दिलाने का झांसा देकर उससे गहने ठगकर फरार हुए दो ठगों को पुलिस ने सतनवाड़ा शिवपुरी से गिरफ्तार किया है। घटना के बाद बाजार से मिले CCTV फुटेज की चेन बनाकर पुलिस ठगों के पीछे-पीछे सतनवाड़ा के टेह गांव में पहुंच गई। यहां तिराहा पर खड़े दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से पूछताछ के बाद ठगे गए कान के बाले, मंगलसूत्र, पेंडल व 500 रुपए बरामद कर लिए हैं। पता लगा है कि यह गिरोह मूल रूप से नांदेड़ महाराष्ट्र का रहने वाला हैं और शिवपुरी में आकर बस गया है। यह वारदात के लिए ग्वालियर आता था। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि मुरार में हुई ठगी की वारदात के बाद पुलिस ने तत्काल छानबीन शुरू कर दी थी। टीआई मुरार मैना पटेल के नेतृत्व में घटना स्थल के आसपास लगे CCTV कैमरे चेक किए। दो आरोपियों के फुटेज मिले, जिनको पुलिस ने अपने मुखबिरों के बीच चलाया तो इसी दौरान पुलिस टीम को मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि CCTV फुटेज में दिख रहे संदिग्धों की पहचान श्रीनिवास उर्फ कन्हैया एवं सैलानी आदिवासी निवासी टेह सतनवाड़ा शिवपुरी के रूप में हुई। ऐसे समझिए पूरी घटना शहर के मुरार थाना क्षेत्र के सांई नगर लाल टिपारा निवासी साठ वर्षीय रामवती पत्नी लख्खू कुशवाह ने थाने पहुंचकर शिकायत की थी कि बुधवार दोपहर वह सदर बाजार सौदागर संतर से पंखा खरीदकर लौट रही थीं। इसी दौरान रास्ते में दो अनजान युवक मिले। युवकों ने उन्हें रोका और बताया कि उनके सेठ के यहां पर सालों बाद लड़का हुआ है और वह गरीबों को दान बांट रहे है। साथ ही बताया कि वह उसे भी दान दिला देंगे। उनकी बातों में फंसकर बुजुर्ग महिला को लालच आ गया। दोनों युवक महिला को महेश्वरी इलेक्ट्रॉनिक्स के पास ले गए और कहा कि दान पाने के लिए गरीब दिखना पड़ेगा, इसलिए वह अपने पहने हुए जेवर उतार ले। उनकी बातों में आकर बुजुर्ग महिला ने मंगलसूत्र, कानों के बाले, एक ओम का पेंडल और पांच सौ रुपए पर्स में रख लिए। इसके बाद दोनों युवक अभी आने की कहकर पर्स लेकर गागयब हो गए थे।
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