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चंडीगढ़ की विरासत अंतरराष्ट्रीय बाजार में नीलाम: जीनरेट फर्नीचर ₹21.8 लाख में बिका, सरकारी मार्क्स के बावजूद बिक्री; दूतावास निगरानी की मांग उठी – Chandigarh News

चंडीगढ़ की विरासत अंतरराष्ट्रीय बाजार में नीलाम:  जीनरेट फर्नीचर ₹21.8 लाख में बिका, सरकारी मार्क्स के बावजूद बिक्री; दूतावास निगरानी की मांग उठी – Chandigarh News

चंडीगढ़ की पहचान और विरासत एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय बाजार में नीलाम हो गई। हाल ही में ब्रिटेन के स्वॉर्डर्स (Sworders) ऑक्शन हाउस में पियरे जीनरेट द्वारा डिजाइन किए गए फर्नीचर के 4 लॉट कुल 20,800 पाउंड (लगभग 21.8 लाख रुपए) में बेचे गए। इन फर्नीचरों पर चंडीगढ़ के सरकारी विभागों के आइडेंटिफिकेशन मार्क्स’ साफ नजर आ रहे थे, फिर भी इन्हें रोकने वाला कोई नहीं था। डे-बेड को 4.41 लाख रुपए, पीजनहोल डेस्क को 7.87 लाख रूपए मतलब 7500 पाउंड में नीलाम किया गया है। फाइल रैक जिसे 5.77 लाख रुपए यानी की 5500 पाउंड में नीलाम किया गया है, जो 1955 में बनाया गया था। 4 कुर्सियों का सेट उसे 3.78 लाख मतलब 3,600 पाउंड किया गया है। अब मार्क्स दिखाकर बढ़ाई जा रही कीमत विरासत संरक्षण के लिए संघर्ष कर रहे एडवोकेट अजय जग्गा ने बताया कि पहले नीलामी घर इन वस्तुओं की पहचान छुपाते थे। अब वे गर्व से इन पर लिखे NIS/WHB/48 या P.B.S.-005 जैसे सरकारी चिह्नों को दिखाते हैं, ताकि इनकी प्रामाणिकता सिद्ध हो सके और ऊंची कीमत मिल सके। विदेश मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय को चिट्ठी इस नीलामी के बाद अजय जग्गा ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने सुझाव दिया है कि विदेश में स्थित भारतीय दूतावासों को ऐसे ऑक्शन हाउसों पर नजर रखने के लिए एक SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) जारी करना चाहिए। 11 बार से ज्यादा जीनरेट के डिजाइन नीलाम जग्गा ने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री विकसित भी, विरासत भी का संदेश दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हमारी राजधानी की धरोहर को अवैध तरीके से देश से बाहर ले जाकर बेचा जा रहा है। 2025-26 के दौरान ही अब तक 11 बार से ज्यादा जीनरेट के डिजाइन नीलाम हो चुके हैं।



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