भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी (बीकेयू क्रांतिकारी) ने पंजाब के बाघापुराना-1 ब्लॉक में कोऑपरेटिव बैंक माड़ी मुस्तफा के बाहर धरना प्रदर्शन किया। किसानों ने पंजाब सरकार द्वारा घोषित बढ़े हुए फसल कर्ज को तुरंत लागू करने की मांग की। इस प्रदर्शन में आसपास के कई गांवों के किसान शामिल हुए। ब्लॉक जनरल सचिव सुखजीत सिंह बाघापुराना ने बताया कि पंजाब सरकार ने धान की फसल के लिए किसानों के हद कर्ज को 25 हजार रुपए से बढ़ाकर 39 हजार रुपए प्रति एकड़ करने का फैसला किया था। इसी तरह, गेहूं की फसल के लिए यह राशि 24 हजार रुपए से बढ़ाकर 30 हजार रुपए प्रति एकड़ की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कोऑपरेटिव बैंकों ने अब तक इस फैसले को लागू नहीं किया है, जिससे किसानों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, बैंक किसानों के नए खाते भी नहीं खोल रहे हैं, जिससे कई किसान खेती संबंधी जरूरतों के लिए वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं। किसानों ने बैंक के बाहर दिया धरना इस मुद्दे को लेकर गांव वैरोके, लधाईके, मौड़ नो आबाद और बाघापुराना सहित अन्य गांवों के किसानों ने संयुक्त रूप से बैंक के बाहर धरना दिया। धरने को जोरा सिंह फौजी कोटला, तारा चंद मौड़ नो आबाद, गुरतेज सिंह मौड़, मनजीत सिंह लधाईके, सुखजीत सिंह वैरोके और अमना नंबरदार जैसे किसान नेताओं ने संबोधित किया। किसान नेताओं ने बैंक मैनेजर को मांग पत्र सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह धरना फिलहाल चार घंटे का था, लेकिन आने वाले दिनों में संघर्ष को व्यापक रूप दिया जाएगा। अंत में, बलविंदर सिंह मौड़ नो आबाद ने सभी किसानों का धन्यवाद किया और एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।
Source link
