पंजाब में हर सिख परिवार को कम से कम 4 बच्चे पैदा करने चाहिए। घटती सिख आबादी को लेकर भाजपा के प्रदेश महासचिव डॉ. जगमोहन सिंह राजू (रिटायर्ड IAS) ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखा है। उन्होंने सिख समुदाय की घटती जनसंख्या पर चिंता जताई है और सरकार से आर्थिक प्रोत्साहन योजना लागू करने की मांग की है। इसके लिए ईनाम मिलना चाहिए। राजू ने कहा कि सिख भारत में अल्पसंख्यक समुदाय है। उन्होंने NFHS यानी नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि देश के प्रमुख समुदायों में सिखों की जन्म दर सबसे कम दर्ज की गई है, जिसके कारण लगातार सिख आबादी में गिरावट देखी जा रही है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि पंजाब में सिखों की आबादी का प्रतिशत वर्ष 1991 में 62.95 फीसदी था, जो 2011 की जनगणना में घटकर 57.69 फीसदी रह गया। डॉ. राजू ने इसे सिख समुदाय के सामाजिक और सांस्कृतिक भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया। सिख जनसंख्या में हो रही गिरावट चिंता का विषय राजू ने मुख्यमंत्री से मांग की कि आंध्र प्रदेश सरकार के मॉडल की तर्ज पर पंजाब सरकार भी तीसरे बच्चे के जन्म पर 30 हजार रुपये और चौथे बच्चे पर 40 हजार रुपये का आर्थिक प्रोत्साहन देने पर विचार करे। उनका कहना है कि इससे युवा परिवारों को सहायता मिलेगी और सिख जनसंख्या में हो रही गिरावट को रोकने में मदद मिल सकती है। डॉ. राजू ने अपने पत्र में यह भी कहा कि सिख समुदाय ने देश की आजादी, रक्षा, कृषि और राष्ट्रीय विकास में बड़ा योगदान दिया है, इसलिए इसकी सामाजिक और जनसंख्या मजबूती बनाए रखना जरूरी है। अब देखना होगा कि पंजाब सरकार इस प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाती है। अकाल तख्त के जत्थेदार भी कर चुके अपील गौरतलब है कि श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज भी सिख परिवारों से अधिक बच्चे पैदा करने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने कहा था, “सिर्फ एक बच्चा होना समझदारी नहीं है। अगर तीन-चार बच्चे होंगे तभी रिश्तों में चाचा-ताया और बुआ-मासी जैसे संबंध बने रहेंगे।” उन्होंने सिख परिवारों से अपने परिवार बढ़ाने का आग्रह किया था।
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