पंचकूला में मां की डांट से आहत होकर दो नाबालिग बहनें घर छोड़कर चली गईं। परिजनों द्वारा काफी तलाश के बाद जब दोनों बच्चियों का कोई सुराग नहीं मिला तो मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की और बच्चियों की तलाश के लिए विशेष प्रयास किए गए। दोनों नाबालिग बहनें घर छोड़ने के बाद हिमाचल प्रदेश पहुंच गई थीं। जहां पर नैना देवी मंदिर में दर्शन के बाद वहीं की एक धर्मशाला में रूकी। उसके बाद पुलिस ने अपने सोर्स व वहां के थानों को सूचित किया तो सर्च अभियान में दोनों के बारे में जानकारी मिली। हिमाचल से किया बरामद एसीपी विक्रम नेहरा के अनुसार सब इंस्पेक्टर मलकीत सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने कड़े प्रयासों और सतत कार्रवाई के बाद दोनों बहनों को हिमाचल प्रदेश से सकुशल बरामद कर लिया। इसके बाद आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए दोनों बच्चियों को आज सुरक्षित उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। लंबे समय बाद अपनी बेटियों को सुरक्षित देखकर परिजनों ने राहत की सांस ली और पंचकूला पुलिस की त्वरित कार्रवाई व संवेदनशील कार्यशैली के लिए आभार व्यक्त किया। मित्रवत व्यवहार और खुला संवाद जरूरी डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों के साथ केवल अनुशासन ही नहीं, बल्कि मित्रवत व्यवहार और खुला संवाद भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि माता-पिता को अपने बच्चों की भावनाओं को समझते हुए उनके साथ ऐसा वातावरण बनाना चाहिए, जहां वे बिना डर अपनी बातें साझा कर सकें। साथ ही युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि माता-पिता की डांट को दिल पर लेने के बजाय उसे सीख और मार्गदर्शन के रूप में समझें। किसी भी भावनात्मक स्थिति में जल्दबाजी में घर छोड़ने या गलत निर्णय लेने
Source link
