देवघर जिले में झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) द्वारा जारी मैट्रिक परीक्षा के खराब परिणामों को जिला शिक्षा विभाग ने गंभीरता से लिया है। लगातार गिरते परीक्षा परिणाम के मद्देनजर, जिला शिक्षा अधीक्षक मधुकर कुमार ने जिले के 24 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए गए हैं। जिला शिक्षा अधीक्षक मधुकर कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन लगातार स्कूलों को शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने, बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई कराने के निर्देश देता रहा है। इसके बावजूद मैट्रिक और इंटर परीक्षा के परिणाम संतोषजनक नहीं रहे, जो चिंता का विषय है। उन्होंने यह भी बताया कि जिले के लगभग 40 से 50 प्रतिशत स्कूलों का परिणाम काफी कमजोर रहा है। मधुकर कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार द्वारा स्कूलों में स्मार्ट क्लास, मिड डे मील और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके बावजूद यदि छात्र स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं और उनका प्रदर्शन खराब हो रहा है, तो यह स्कूल प्रबंधन की लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे स्कूलों की जवाबदेही तय की जाएगी। अन्य स्कूलों से भी स्पष्टीकरण मांगा जाएगा उन्होंने जानकारी दी कि प्रारंभिक चरण में 24 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को बुलाकर उनसे खराब परिणामों का कारण पूछा जाएगा। इसके बाद उन अन्य स्कूलों से भी स्पष्टीकरण मांगा जाएगा, जहां छात्रों का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा है। पूरे मामले की विभागीय समीक्षा के बाद आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। छात्रों के कमजोर प्रदर्शन में सुधार लाने के लिए जल्द ही रिमेडियल कक्षाएं शुरू की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, छुट्टी के दिनों में बड़े छात्रों की सहायता से छोटे बच्चों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं भी संचालित की जाएंगी। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाना और उनकी शैक्षणिक स्थिति में सुधार लाना है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में जारी जैक मैट्रिक परीक्षा परिणामों में देवघर जिला राज्य स्तर पर 14वें-15वें स्थान पर खिसक गया है। पिछले वर्ष जिले की रैंकिंग 9वें-10वें स्थान के आसपास थी। जिले की इस गिरती शैक्षणिक स्थिति को देखते हुए शिक्षा विभाग अब सख्त कार्रवाई की तैयारी में है।
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