लुधियालुधियाना की खन्ना पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मध्य प्रदेश (MP) से पंजाब लाई जा रही नशे की एक बड़ी खेप को पकड़ने में कामयाबी पाई है। तस्कर ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए ट्रक में केलों की आड़ ले रखी थी और लगभग 1000 किलोमीटर का लंबा सफर तय कर पंजाब पहुंचा था। हालांकि, खन्ना पुलिस की मुस्तैदी के कारण आरोपी की यह चालाकी धरी की धरी रह गई। यह कार्रवाई एसएसपी खन्ना डॉ. दर्पण आहलूवालिया के सख्त निर्देशों पर नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। थाना सिटी-2 खन्ना की पुलिस टीम ने जीटी रोड पर विशेष नाकाबंदी कर रखी थी। इस दौरान एक संदिग्ध अशोक लीलैंड ट्रक (नंबर: PB-05-AS-3920) को जांच के लिए रोका गया। जब पुलिस ने ट्रक की सघन तलाशी ली, तो ऊपर केलों के क्रेट लदे हुए थे, लेकिन उनके ठीक नीचे छिपाकर रखी गईं बोरियां बरामद हुईं। इन बोरियों को खोलने पर उनमें से 1 क्विंटल 2 किलोग्राम (102 किलो) भुक्की चूरा पोस्त बरामद हुआ। लुधियाना का रहने वाला है आरोपी, पहले भी कर चुका है तस्करी नशे की इस बड़ी खेप के साथ गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान जमालपुर लेली (लुधियाना) निवासी गुरचरण सिंह के रूप में हुई है। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि जिस ट्रक से तस्करी की जा रही थी, वह आरोपी के सगे भाई के नाम पर रजिस्टर्ड है। जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ है कि आरोपी गुरचरण सिंह पहले भी इसी शातिराना तरीके से मध्य प्रदेश से पंजाब में नशे की कई खेपें सफलतापूर्वक सप्लाई कर चुका है। बड़े नेटवर्क के खुलासे की उम्मीद पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी पुलिस नाकों और चेकिंग से बचने के लिए फलों की लोडिंग का बहाना बनाता था ताकि किसी को शक न हो। खन्ना पुलिस ने आरोपी गुरचरण सिंह के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है। पुलिस अधिकारी अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि पंजाब में नशे की यह बड़ी खेप किस सप्लायर या डीलर को सौंपी जानी थी। पुलिस को उम्मीद है कि इस पूछताछ के जरिए पंजाब और मध्य प्रदेश के बीच चल रहे अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क (Interstate Drug Network) से जुड़े कई बड़े मगरमच्छों के नाम सामने आ सकते हैं। खन्ना पुलिस ने दोहराया है कि नशे के इस काले कारोबार में शामिल किसी भी दोषी को कतई बख्शा नहीं जाएगा।
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