2 माह से हाथियों से प्रभावित हैं ग्रामीण, एक की जा चुकी है जान
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भास्कर न्यूज | ठेठईटांगर
ठेठईटांगर प्रखंड अंतर्गत अंबापानी चट्टान टोली के समीप जंगल मे शनिवार सुबह अचानक ओडिशा की तरफ से जंगली हाथियों का एक झुंड पहुंच गया। हाथियों की आमद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गई। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले लगभग दो माह से लगातार हाथियों की आवाजाही हो रही है, जिसके कारण ग्रामीण भय के साए में जीने को विवश हैं।
लोग रोज यह सोचकर सोते हैं कि कहीं रात में हाथी गांव में घुसकर फसलों, घरों या जान-माल का नुकसान न कर दें। खेतों में लगी धान की फसलें हाथियों के झुंड से सुरक्षित नहीं रह पा रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से गुहार लगाई है कि शीघ्र ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि गांव और खेत दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी मेहनत की कमाई फसलों के रूप में बर्बाद हो रही है, वहीं परिवार की सुरक्षा भी खतरे में है।
ग्रामीणों ने भावुक अपील करते हुए कहा कि अब समझ नहीं आता कि हम खेती बचाएँ, गांव बचाएं या अपनी जान। वन विभाग से अपेक्षा की जा रही है कि हाथियों के झुंड को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ा जाए और प्रभावित गांवों में चौकसी बढ़ाई जाए। ग्रामीणों की पीड़ा और भय को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और वन विभाग को तुरंत सजग होना पड़ेगा, अन्यथा हालात गंभीर रूप ले सकते हैं।
सिमडेगा | सदर प्रखंड की टैंसेरा पंचायत अंतर्गत के चियारीकानी गांव में जंगली हाथी द्वारा दो ग्रामीणों श्रवण सिंह और लालू सिंह को घायल कर दिए जाने के बाद उन्हें सिमडेगा के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिसकी सुचना मिलने पर समाज सेवी भाजपा नेता श्रद्धानंद बेसरा सदर अस्पताल पहुंचे और दोनों घायलों के इलाज एवं सिटी स्कैन कराने में सहयोग किया। उन्होंने वन विभाग के रेंजर से फोन से बात कर तत्काल मुआवजे के लिए आग्रह किया। श्रद्धानंद बेसरा छुरीटांगर गांव पहुंचे एवं प्रभावित लोगों से मुलाकात की। ग्रामीणों ने बताया कि घटना शाम के करीब साढ़े छः बजे हुई जिसमें एक जंगली हाथी ने चियारीकानी , बड़काटांड़ निवासी श्रवण सिंह और लालू सिंह को घायल कर दिया। वहीं हाथी ने मीना देवी, पति स्व बिंदेश्वर सिंह तथा झलिया देवी, पति बिसंभर सिंह के घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया। झलिया देवी के घर में रखे चार बोरा चावल, एक बोरा गेहूं को हाथी ने बर्बाद कर दिया। वहीं दो चौकी और दो बक्सों को तोड़ दिया। दोनों महिलाओं ने श्रद्धानंद बेसरा से घर एवं मुआवजा राशि की व्यवस्था कराने का आग्रह किया।उन्होंने वन विभाग के रेंजर को इस नुकसान की जानकारी दी और मुआवजा व घर की जरूरत पर जोर दिया।
