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छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से झालसा के निर्देश पर शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा गठित टीम ने शहर के विभिन्न हॉस्टलों और लॉजों का औचक निरीक्षण किया। यह अभियान विशेष रूप से उन स्थानों पर केंद्रित था जहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी रहते हैं। निरीक्षण टीम का नेतृत्व जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव मरियम हेमरोम ने किया। उनके साथ मुख्य एलएडीसीएस प्रभात कुमार श्रीवास्तव,सहायक एलएडीसीएस सुकोमल,सदर थाना प्रभारी रोहित कुमार रजक,पीएलवी एस.सरफराज, सुरजीत कुमार मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान टीम ने हॉस्टलों और लॉजों की व्यवस्थाओं का बारीकी से आकलन किया। खासकर आवासित विद्यार्थियों और अन्य लोगों का विवरण लिया गया। रजिस्टर में रहने वाले लोगों की जानकारी दर्ज है या नहीं, इस पर विशेष ध्यान दिया गया। कई लॉजों में रजिस्टर अपडेट नहीं पाया गया। कहा गया कि आने-जाने वाले लोगों की रोजाना की एंट्री और समय का रिकॉर्ड आवश्यक है। कई जगह यह प्रक्रिया अनुपस्थित या लापरवाह ढंग से संचालित होती पाई गई। सुरक्षा के लिहाज से सबसे जरूरी सीसीटीवी कैमरे अधिकांश लॉजों और हॉस्टलों में स्थापित नहीं पाए गए,जबकि कुछ जगह कैमरे तो थे परन्तु वे कार्यशील नहीं थे या रिकॉर्डिंग की व्यवस्था नहीं थी। स्नानघर, शौचालय, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था आदि की स्थिति का भी अवलोकन किया गया। कुछ स्थानों पर स्वच्छता मानकों में कमी देखी गई। निरीक्षण के दौरान जो कमियां पाई गईं, उन्हें लेकर टीम ने तत्काल सभी लॉज व हॉस्टल संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सीसीटीवी कैमरे जल्द से जल्द लगवाएं और हर स्थान को निगरानी के दायरे में लाएं। रजिस्टर का रख-रखाव सही तरीके से करें, प्रत्येक व्यक्ति की सही जानकारी व आईडी प्रमाण संलग्न रखें। आगमन व प्रस्थान की समयानुसार एंट्री अनिवार्य करें। परिसर में स्वच्छता बनाए रखें और अग्निशमन व आपातकालीन निकास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें। निरीक्षण के पश्चात सचिव मरियम हेमरोम ने कहा कि छात्र-छात्राएं हमारे समाज का भविष्य हैं। उन्हें एक सुरक्षित,साफ-सुथरा और व्यवस्थित वातावरण मिलना चाहिए। जिन लॉजों में कमियां पाई गईं हैं,उन्हें सुधार के लिए समय दिया गया है,अन्यथा आगे विधिक कार्रवाई भी की जा सकती है।
