झारखंड में बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र से बने ट्रफ के कमजोर होने के बावजूद कई जिलों में भारी बारिश जारी है।
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मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पाकुड़, साहिबगंज, गोड्डा और दुमका में आज कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इन इलाकों में वज्रपात का भी खतरा है।
वहीं राजधानी रांची में 10 अक्टूबर तक बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।
चार दिन में हुई 277% ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 से 4 अक्टूबर के बीच झारखंड में सामान्य से 277% अधिक बारिश हुई। इस अवधि में राज्य में औसतन 58.9 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य औसत 15.6 मिमी है।
बोकारो में 51.9 मिमी, धनबाद में 14.4 मिमी और जमशेदपुर में 52.4 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से कई गुना अधिक है। रांची में भी चार दिनों में 32 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो अक्टूबर के सामान्य औसत का आधा है।
बारिश ने कई जिलों में मचाई तबाही
लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में तबाही मचाई है। गढ़वा जिले में भवनाथपुर प्रखंड के 38 कच्चे मकान गिर गए, कई पुल-पुलिया और बांध क्षतिग्रस्त हो गए।
मेराल में बिजली सब स्टेशन पर ठनका गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। जामताड़ा के नारायणपुर में पुलिया टूट गई और दो कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए। गुमला में सब्जियों और धान की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिससे किसान चिंतित हैं।
अगले छह दिन तक नहीं मिलेगी राहत
मौसम विभाग के अनुसार 6 अक्टूबर को राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होगी। वहीं 7 से 10 अक्टूबर तक भी कहीं-कहीं बारिश का सिलसिला जारी रहेगा और यलो अलर्ट जारी है। शनिवार को दुमका में 18 मिमी, साहिबगंज में 18 मिमी और गोड्डा में 17 मिमी बारिश हुई। मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि 12 अक्टूबर तक मानसून विदाई की संभावना नहीं है।
