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नोटबंदी ने डुबो दिया बिजनेस! राज कुंद्रा बोले: कर्ज नहीं चुका पाया, अब 60 करोड़ की धोखाधड़ी केस ने बढ़ाई मुश्किलें

नोटबंदी ने डुबो दिया बिजनेस! राज कुंद्रा बोले:  कर्ज नहीं चुका पाया, अब 60 करोड़ की धोखाधड़ी केस ने बढ़ाई मुश्किलें


10 मिनट पहले

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फिल्म अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और उनके पति व्यवसायी राज कुंद्रा पर दर्ज 60 करोड़ रुपए की लोन-कम-इन्वेस्टमेंट धोखाधड़ी मामले की जांच तेज हो गई है। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने राज कुंद्रा से अब तक दो बार पूछताछ की है और तीसरी बार बुलाने की तैयारी है, जबकि शिल्पा से 4 अक्टूबर को उनके जुहू स्थित घर पर 4 घंटे सवाल-जवाब हुए। अब इस मामले में राज कुंद्रा का बयान सामने आया है। उन्होंने जांच के दौरान बताया कि नोटबंदी की वजह से उनका पूरा परिवार आर्थिक रूप से बुरी तरह प्रभावित हुआ और वे कर्ज में डूब गए।

कुंद्रा बोले – नोटबंदी में कंपनी को हुआ भारी नुकसान

EOW सूत्रों के मुताबिक, कुंद्रा ने बताया कि उनकी कंपनी Best Deal TV Private Limited (जो इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरण बेचती थी) को 2016 की नोटबंदी के बाद भारी वित्तीय नुकसान हुआ। नकदी संकट के कारण वे समय पर निवेशक का पैसा लौटाने में असमर्थ रहे।

शिकायत में लगे गंभीर आरोप

यह मामला मुंबई के व्यवसायी दीपक कोठारी की शिकायत पर दर्ज हुआ। कोठारी का आरोप है कि 2015 से 2023 के बीच उन्हें कंपनी में करीब 60 करोड़ रुपए लगाने के लिए प्रेरित किया गया था। निवेश टीवी शॉपिंग बिजनेस में होना था, लेकिन रकम कथित तौर पर निजी इस्तेमाल में चली गई।

शिल्पा ने कहा – मैं वित्तीय विवादों में शामिल नहीं

पूछताछ के दौरान शिल्पा ने कहा कि उन्होंने पति के साथ कंपनी शुरू की थी, लेकिन बाद में वित्तीय या रोजमर्रा के संचालन में कोई भूमिका नहीं रही। सभी फैसले कुंद्रा और मैनेजमेंट टीम लेते थे।

हाई कोर्ट में LOC हटाने की मांग

दोनों ने मुंबई हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर लुक आउट सर्कुलर (LOC) अस्थायी निलंबित करने और अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 तक विदेश यात्रा की अनुमति मांगी। अदालत ने कहा कि यह गंभीर आर्थिक अपराध का मामला है, इसलिए सिर्फ मनोरंजन के लिए यात्रा की इजाजत नहीं दी जा सकती। कपल के वकील ने स्पष्टीकरण दिया कि केवल फुकेत वाली यात्रा मनोरंजन के लिए थी, बाकी पेशेवर कारणों से तय हुई थीं।

अदालत की सख्त शर्त

पीठ ने स्पष्ट किया – याचिका पर विचार तभी होगा जब आरोपी पूरी 60 करोड़ की रकम जमा करेंगे। अगली सुनवाई 14 अक्टूबर 2025 को होगी। अदालत ने माना कि जांच में सहयोग के कारण ही अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।

फॉरेंसिक जांच शुरू

EOW ने कंपनी के सभी वित्तीय लेनदेन और खातों की फॉरेंसिक जांच शुरू की है, साथ ही उन बैंक खातों और निवेश ट्रेल्स की पड़ताल की जा रही है जिनसे निवेश राशि ट्रांसफर हुई। कुंद्रा-शेट्टी के वकील का कहना है – दोनों निर्दोष हैं और लेनदेन पारदर्शी हैं। आने वाले हफ्तों में मामले से जुड़ी नई जानकारी सामने आ सकती है।



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