चौहटन सर्किल के निकट रसोई में खाना खाता एक व्यक्ति।
सरकार की महत्वाकांक्षी श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद लोगों को सस्ती दर पर भोजन उपलब्ध कराना है, लेकिन धरातल पर यह फर्जीवाड़े की भेंट चढ़ी हुई है। श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना में हो रही धांधली को लेकर भास्कर टीम ने पड़ताल की त
.
4 घंटे में दोनों रसोई में खाना खाने के लिए महज 14 से 17 लोग ही आए। केंद्र के पोर्टल की जांच करने पर बड़े स्तर की धांधली का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि कई रसोई केंद्रों पर रोजाना फर्जी भोजन वितरण की एंट्रियां की जा रही है। इसके साथ ही इन केंद्रों पर भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई है। न तो सब्जी ठीक थी और न ही रोटियां पूरी तरह पकी हुई थी। रसोई केंद्रों पर केंद्र संचालकों द्वारा प्रतिदिन 200 कूपन की एंट्री की जा रही है।
चौहटन चौराहा स्थित श्री अन्नपूर्णा रसोई में आधे से ज्यादा कटे फर्जी कूपन
चौहटन चौराहा के गडरा रोड स्थित श्री अन्नपूर्णा रसोई केंद्र में शाम 5 बजे से लेकर 8 बजे तक रिपोर्टर सहित मात्र 14 व्यक्तियों ने ही प्रवेश लिया, लेकिन अन्नपूर्णा रसोई केंद्र के पोर्टल में 146 कूपन काटे गए। रसोई के अंदर तीन घंटे में 14 लोगों ने ही प्रवेश लिया। जबकि फर्जी 32 कूपन में फर्जी फोटो और मोबाइल नंबर अपलोड किए गए। कूपन काटने के दौरान व्यक्ति के नाम और फोटो के साथ ही उसका मोबाइल नंबर भी भरा गया। इसके कारण काउंटर पर एक पन्ने में मोबाइल नंबरों की लिस्ट भी मिली। केंद्र में राज्य सरकार द्वारा तय किया गया मैन्यू नहीं होने के साथ ही ठंडा खाना परोसा जा रहा था। खुले में झूठी थालियां पड़ी थी।
केंद्रीय बस स्टैंड स्थित रसोई केंद्र पर बाहर लोगों को बुलाकर काटे कूपन
केंद्रीय बस स्टैंड स्थित अन्नपूर्णा रसोई केंद्र की व्यवस्था देखने के लिए भास्कर की टीम पहुंची तो कंप्यूटर ऑपरेटर ने तीन फर्जी कूपन काट दिए। शाम 5 बजे से 8.30 बजे तक केंद्र के पोर्टल पर 168 कूपन कटे थे, लेकिन केंद्र पर मात्र एक व्यक्ति ही खाना खा रहा था। गिनती के कूपन कटने के बाद कंप्यूटर ऑपरेटर बाहर आया और बस स्टैंड पर बैठे लोगों को केंद्र में बुलाया। केंद्र में बुलाकर बिना किसी भुगतान और बिना खाना खिलाए लोगों के कंप्यूटर से कूपन काटे। इस दौरान बस स्टैंड पर उपस्थित भास्कर टीम को भी बुलाकर उनके फोटो लिए और फर्जी कूपन काट दिए।
मोबाइल पर मैसेज नहीं, इसलिए हो रहा फर्जीवाड़ा
रसोई केंद्र में ऑनलाइन एंट्री के दौरान फोटो, नाम और मोबाइल नंबर लिया जाता है। रसोई केंद्र में खाना खाने वाले व्यक्ति का ऑनलाइन कूपन कटने पर मोबाइल नंबरों पर कोई मैसेज नहीं आता है। इसी का फायदा उठाकर रसोई केंद्र के संचालक फर्जी मोबाइल नंबरों की पोर्टल पर एंट्री कर प्रतिदिन सैकड़ों लोगों का बिल उठा रहे हैं। संचालक को प्रत्येक व्यक्ति 30 रुपए का भुगतान किया जा रहा है। इसमें व्यक्ति द्वारा 8 रुपए और राज्य सरकार द्वारा प्रति व्यक्ति 22 रुपए का भुगतान किया जा रहा है।
“शहर में संचालित हो रही श्रीअन्नपूर्णा रसोई योजना में फर्जी कूपन काटकर किए जा रहे भ्रष्टाचार को लेकर टीम गठित की जाएगी। टीम द्वारा सभी केंद्रों का निरीक्षण किया जाएगा। रसोई केंद्रों द्वारा नगरपरिषद में जमा करवाए गए बिलों का भी पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा। दोषियों पर कार्रवाई होगी।” -राजेंद्रसिंह चांदावत, प्रशासक नगरपरिषद व एडीएम बाड़मेर
