गुमला पुलिस ने तीन अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव के नेतृत्व में गठित एसआईटी टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर इन सभी को गुरुवार को जेल भेज दिया।
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पहला मामला सदर थाना क्षेत्र के टावर चौक से जुड़ा है। यहां एक कार में रिवॉल्वर लहराते हुए वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर वायरल करने के आरोप में तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया। इनमें डुमरडीह निवासी रौनक प्रसाद (21), ज्योति संघ के समीप रहने वाले आलोक सिंह (19) और शीलम निवासी पवन सिंह (24) शामिल हैं। इन सभी को गुरुवार को जेल भेज दिया गया।
एसडीपीओ की टीम ने छापेमारी कर किया गिरफ्तार
एसपी हरीश बिन जमा ने बताया कि तीनों ने एक पिस्टल के साथ वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया था। एसडीपीओ की टीम ने सिलम बाईपास कलभट्ट से छापेमारी कर इन्हें गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके पास से एक काले रंग की 7.65 एमएम बोर की पिस्टल और तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
लाखों के सोने-चांदी के जेवरात चोरी करने वाला पकड़ाया
दूसरे मामले में, पुलिस ने बस स्टैंड निवासी के घर में चोरी के आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। एसपी हरीश बिन जमा ने बताया कि गुमला कांड संख्या 357/25 के आरोपी विंध्याचल नगर निवासी संदीप राम (19) को गुरुवार को जेल भेजा गया।
छापेमारी दल ने संदीप राम को विंध्याचल नगर स्थित एक अर्धनिर्मित मकान से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने बताया कि वह 28 अक्टूबर 2025 को बस स्टैंड निवासी राहुल कुमार के घर से लाखों के सोने-चांदी के जेवरात चोरी करने की घटना में शामिल था।
वहीं, तीसरी घटना गुमला के एक नाबालिग के अपहरण से संबंधित है। गुमला पुलिस ने कांड संख्या 336/25 के आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी टीम का गठन किया। टीम ने दिल्ली के करोल बाग, टोडापुर स्थित एक मकान पर छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान, पुलिस ने मदनपुर, बिहार निवासी विकास सिंह (29) को दो नाबालिगों के साथ पाया। विकास सिंह समस्तीपुर का रहने वाला है। उससे पूछताछ जारी है।
