बोकारो स्टील प्लांट में शनिवार देर शाम हुए हादसे ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। प्लांट के एसएसडी विभाग के स्लैग मिल में काम कर रहे दो ठेका मजदूर झुलस गए। इनमें 31 वर्षीय अमन मरांडी की स्थिति बेहद गंभीर बताई जा रही है। हादसा ए-शिफ
.
घायल मजदूरों में अमन मरांडी की हालत गंभीर बताई जा रही है।
अमन मरांडी और सरोज कुमार हुए घायल
झुलसे मजदूरों की पहचान अमन मरांडी और सरोज कुमार के रूप में हुई है। दोनों एस.एन. इंटरप्राइजेज के तहत काम करते हैं। अमन का शरीर और चेहरा इतनी बुरी तरह झुलस गया है कि डॉक्टरों ने उनकी हालत नाजुक बताई है। सरोज को भी गंभीर चोटें आई हैं, हालांकि उनकी स्थिति थोड़ी बेहतर मानी जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही प्रबंधन ने दोनों को पहले प्लांट अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिलाया।
बीजीएच में इलाज जारी, परिजन चिंतित
प्राथमिक उपचार के बाद दोनों मजदूरों को तुरंत बोकारो जनरल अस्पताल (बीजीएच) रेफर किया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। लगातार हो रहे हादसों की वजह से लोगों में नाराजगी है। लोग प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
हादसों पर भड़का मजदूर संगठन
बीएसएल में बढ़ते हादसों को लेकर बोकारो स्टील अनधीशासी संघ का गुस्सा खुलकर सामने आया है। संघ के अध्यक्ष हरिओम ने कहा कि प्लांट में हो रही लगातार घटनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि सुरक्षा व्यवस्था कागजों में सिमटकर रह गई है, जबकि जमीन पर हालात पूरी तरह अलग हैं।

घटना के बाद घायलों को आनन-फानन में बीजीएच आया गया।
हरिओम ने बताया कि संघ ने पिछली दुर्घटनाओं की जांच के लिए फैक्ट्री इंस्पेक्टर को पत्र लिखा था, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब संघ इस मामले में फोरेंसिक जांच की औपचारिक मांग करेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आवश्यकता पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की जाएगी।
