समराला के कबड्डी खिलाड़ी गुरविंदर सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने पूरी गुत्थी सुलझा ली है। खन्ना की एसएसपी डॉ. ज्योति यादव बैंस ने तरनतारन में गिरफ्तारी और मुठभेड़ से जुड़े पूरे घटनाक्रम को लेकर आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई अहम खुलासे किए। डॉ. ब
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पुलिस ने चार मुख्य आरोपियों सहित एक दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें वे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने वारदात के बाद आरोपियों को पनाह दी या उनकी मदद की, और उन्हें तरनतारन में छिपाने की व्यवस्था की थी।
गैंगस्टर टिड्डी के संपर्क में थे आरोपी
एसएसपी बैंस के अनुसार, वारदात के बाद आरोपी विदेश में बैठे गैंगस्टर जतिंदर टिड्डी के संपर्क में थे। टिड्डी ने उन्हें अपने साथी दविंदर सिंह के घर तरनतारन में छिपने की सलाह दी थी। सभी आरोपी लगातार फोन पर संपर्क में थे और देश छोड़ने की तैयारी कर रहे थे। इस नेटवर्क के पीछे बठिंडा जेल में बैठे गैंगस्टर रवि राजगढ़ का भी हाथ है।
पुलिस ने यह भी बताया कि सोशल मीडिया पर अनमोल बिश्नोई के नाम से जो फर्जी पोस्ट वायरल की गई थी, वह एक साजिश का हिस्सा थी। जांच में पाया गया कि यह पोस्ट सुखदीप सिंह सीपा निवासी गांव मलणा, जिला मुक्तसर साहिब ने विदेश में बैठकर की थी। उसने सिर्फ लोकप्रियता पाने के लिए खुद को इस केस से जोड़ने की कोशिश की थी और अब उसे भी इस मामले में नामजद कर लिया गया है।
मारपीट से शुरू हुई घटना
एसएसपी ने बताया कि यह रंजिश रक्तदान कैंप में हुई मारपीट की घटना से शुरू हुई थी। कुछ दिन पहले समराला में आयोजित कैंप के दौरान धर्मवीर उर्फ धर्मा और उसके साथियों, जो बाबू समराला (एंटी ग्रुप) से जुड़े हैं, ने करण मादपुर के पिता के साथ झगड़ा किया था। उसी का बदला लेने के लिए करण मादपुर ने 3 नवंबर की रात को धर्मवीर धर्मा को निशाना बनाते हुए फायरिंग की।
हालांकि, गोली कबड्डी खिलाड़ी गुरविंदर सिंह को लग गई, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। गुरविंदर उस समय अपने दोस्तों के साथ वहां मौजूद था और उसका किसी विवाद से कोई लेना-देना नहीं था। एसएसपी ने बताया कि वारदात से एक दिन पहले संदीप सिंह नामक व्यक्ति भी आरोपियों के साथ रेकी करने गया था। सभी आरोपियों ने मिलकर हमले की पूरी योजना बनाई थी।
पुलिस का कहना- ‘यह केस पूरी तरह सुलझ गया’
एसएसपी डॉ. ज्योति यादव बैंस ने बताया कि यह हत्या पूरी तरह रंजिश का नतीजा है, जिसमें निर्दोष गुरविंदर सिंह की जान चली गई। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस ने सभी मुख्य आरोपी गिरफ्तार कर लिए हैं और अब बाकी साजिशकर्ताओं की भूमिका की भी जांच की जा रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में एसएसपी डॉ. बैंस ने कहा कि पुलिस का मिशन है कि कानून से ऊपर कोई नहीं।
उन्होंने बताया कि पुलिस अब भी कुछ फरार लोगों की तलाश में है, जिनकी पहचान हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि गुरविंदर सिंह को न्याय मिले। अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जो लोग गैंगस्टरों के संपर्क में रहकर ऐसे अपराध करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
