नवादा में 5 दिसंबर को मॉब लिंचिंग में घायल युवक की शुक्रवार देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान नालंदा जिले के लेहरी थाना क्षेत्र के गगन डीह मोहल्ला के निवासी मोहम्मद अतहर हुसैन (40) के रूप में हुई है। मरने से पहले मोहम्मद अतहर हुसैन ने 7
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मोहम्मद अतहर हुसैन ने बताया कि 4-5 लोगों ने घेरकर उनके साथ मारपीट की। उन्हें एक कमरे में ले गए, फिर पैंट उतारकर चेक किया कि वो मुस्लिम हैं या नहीं। उसके बाद गर्म रॉड से मारा, स्टील के रॉड से मारकर सिर फोड़ दिया। लाठी-डंडे,ईंट से पीटा गया।
किसी ने उंगलियां तोड़ी, तो कोई सीने पर चढ़कर गला दबाने लगा था। इतना ही नहीं प्लायर से उनके कान काटे गए। पीट-पीटकर उन्हें अधमरा कर दिया। इस बीच किसी ने डायल 112 को खबर दी, तब उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
वारदात के 6 दिन बाद मोहम्मद अतहर की मौत हो गई। मृतक की पत्नी शबनम परवीन ने 10 लोगों को नामजद और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस किया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए नवादा में हुए नालंदा के युवक की मॉब लिंचिंग की पूरी कहानी….
मौत से पहले हॉस्पीटल में वारदात के बारे में बताते हुए मोहम्मद अतहर हुसैन।
20 सालों से घूम-घूम कर कपड़े बेचता था
7 दिसंबर को कैमरे पर दिए अपने बयान में मोहम्मद अतहर हुसैन ने बताया था, मैं बीते 20 सालों से नवादा क्षेत्र में फेरी लगाकर कपड़े बेचता था। 5 दिसंबर को भी फेरी कर घर लौट रहा था, तभी रोह थाना क्षेत्र के भट्ठापर गांव से लौटते वक्त नशे में धुत 6-7 युवकों ने मुझे घेर लिया।
युवकों ने पहले मेरा नाम पूछा, नाम सुनते ही जबरन साइकिल से उतारकर 8 हजार रुपए लूट लिए। इसके बाद हाथ-पैर बांधकर एक कमरे में बंद कर दिया। फिर हमलावरों ने ईंट-रॉड से पीटा।
ईंट से मारकर मेरी उंगलियां और हाथ तोड़ दिए । इतना ही नहीं नाखून तक उखाड़ लिए गए।
पैंट उतारकर चेक किया, प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डाला
अतहर ने आगे बताया कि हमलावरों ने उनके पैंट को उतारकर प्राइवेट पार्ट चेक किए। फिर उस पर पेट्रोल डाल दिया। इसके बाद गर्म लोहे की रॉड से शरीर के कई हिस्सों में दागा। हमलावरों की संख्या बाद में बढ़कर 15-20 हो गई थी।
स्टील की रॉड से सिर पर मारा गया, जिससे सिर फट गया। सीने पर चढ़कर गला दबाया गया। पिटाई से पहले आरोपियों ने पिलाश से मेरी कान काट दी थी। पिटाई से मेरा पूरा शरीर जल गया। हाथ भी टूट गए।
भाई ने कहा- जलती लकड़ी से मारा गया
मो. अतहर के भाई मो. चांद ने बताया, 5 दिसंबर की शाम मो. अतहर कपड़ा बिक्री कर साइकिल से लौट रहे थे। उसी दौरान भट्ठापर गांव के पास उनकी साइकिल पंक्चर हो गई। पास में कुछ लोग अलाव सेंक रहे थे। भाई ने अलाव सेंक रहे लोगों से पूछा कि पंक्चर बनाने की दुकान कहां है। इसके बाद बदमाशों ने उनका नाम पूछा। नाम बताने के बाद बदमाश लूटपाट करने लगा।

नालंदा के रहनेवाले, नवादा में ससुराल
मो. अतहर मूल रूप से बिहारशरीफ के लहेरी थाना क्षेत्र के गगनदीवान के रहने वाले थे। युवक का नवादा जिला के रोह थाना क्षेत्र के बरुईगांव में ससुराल है। वो ससुराल में रहकर साइकिल से कपड़ा फेरी का काम करते थे।
पुलिस ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार
रोह थाना प्रभारी रंजन कुमार ने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनमें सोनू कुमार, रंजन कुमार और श्री कुमार शामिल है। शेष आरोपियों की तलाश जारी है। मृतक का पोस्टमॉर्टम मजिस्ट्रेट -फोरेंसिक टीम की मौजूदगी में कराया गया।
मारपीट के मामले में मृतक की पत्नी शबनम परवीन ने 10 लोगों को नामजद और 15 लोगों पर अज्ञात मुकदमा दर्ज करवाया। जिसमें सत्यनारायण कुमार,मंटू यादव, सोनू कुमार, सतीश कुमार, सिकंदर यादव, रामस्वरूप यादव, रंजन कुमार विपुल कुमार, सचिन कुमार , सुगन यादव को आरोपित बनाया गया है।
पत्नी ने आवेदन में बताया है कि 8000 हजार भी निकाल लिया गया था। साइकिल और कपड़ा अब तक पता नहीं चल पाया है। मौत के बाद दर्ज केस में हत्या की धारा लगाई गई है।

पुलिस ने मो. अतहर को पहले नवादा सदर अस्पताल, फिर पावापुरी विम्स में भर्ती कराया था।
मृतक के खिलाफ चोरी की शिकायत की गई थी
5 दिसंबर को मो. अतहर के साथ मारपीट हुई। दूसरी ओर 5 दिसंबर को ही सिकंदर यादव ने मो. अतहर पर चोरी का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसमें अतहर हुसैन पर रात 10:15 मिनट पर घर में घुसकर चोरी करने का आरोप लगा था। शिकायत में कहा गया कि अतहर हुसैन ने सोने का कंगन, मंगलसूत्र, चांदी की कमरधनी और पीतल के बर्तन की चोरी की है।
इसके बाद डायल 112 अतहर हुसैन की तलाश में थी। देर रात करीब 2:30 बजे रोह थाने की पुलिस मौके पर पहुंची अतहर को कमरे से घायल अवस्था में बरामद किया। पुलिस ने घायल को पहले नवादा सदर अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से हालत बिगड़ने पर पावापुरी विम्स रेफर किया गया। परिजनों के अनुसार, पावापुरी से पटना ले जाने के दौरान रास्ते में उनकी मौत हो गई।
