फलोदी के स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल में आरोग्य भारती द्वारा एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम आरोग्य भारती के जिला अध्यक्ष गोविंद लाल शर्मा के निर्देशन में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान धनवंतरी की पूजा-अर्चना के साथ हुई।
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इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और उपस्थित लोगों को स्वस्थ जीवनशैली, ऋतुचर्या (मौसम के अनुसार दिनचर्या) और संतुलित आहार के महत्व से अवगत कराना था। भगवान धनवंतरी को आरोग्य का जनक बताया गया।
बीमारियों से बचाव के तरीके बताए आरोग्य भारती के जिला अध्यक्ष और सेवानिवृत्त वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक गोविंद लाल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि स्वस्थ शरीर और मन के लिए ऋतु के अनुसार आहार और दिनचर्या अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बदलते मौसम में खान-पान, दिनचर्या और नियमित व्यायाम के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। शर्मा ने बताया कि आयुर्वेदिक सिद्धांतों के अनुसार जीवनशैली अपनाकर कई बीमारियों से बचा जा सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल और स्क्रीन टाइम कम करने, समय पर भोजन करने, नियमित पढ़ाई करने और पर्याप्त नींद लेने की सलाह दी।
आरोग्य भारती के जिला प्रचार प्रमुख विनोद छंगाणी ने पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण के महत्व पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलन और स्वच्छ जल ही स्वस्थ समाज की नींव हैं। छंगाणी ने जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने, वृक्षारोपण करने और सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करने का आह्वान किया।
उन्होंने विद्यार्थियों से जल बचाने, वृक्ष लगाने और पर्यावरण संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आग्रह किया।
विद्यालय के शिक्षकों ने योग, व्यायाम और शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। शिक्षकों ने बताया कि नियमित योगाभ्यास और व्यायाम से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि मानसिक एकाग्रता और आत्मविश्वास में भी वृद्धि होती है। विद्यार्थियों को प्रतिदिन योग और प्राणायाम अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
ये रहे मौजूद कार्यक्रम में देवेंद्र थानवी, विशंभर थानवी, आसुराम परिहार, प्रेमाराम बिश्नोई, वासुदेव गर्ग, फतेह राजपुरोहित, पूजा सोलंकी, सुखराम प्रजापत सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
