सीटू की बैठक में भाग लेते कर्मचारी
मंडी जिले में कॉमरेड तारा चंद भवन में सीटू कमेटी की बैठक में एम्बुलेंस कर्मचारियों द्वारा 26 और 27 दिसंबर को दो दिवसीय हड़ताल करने का निर्णय लिया गया। जिला प्रधान भूपेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय मेडस्वान कंपनी द्वारा एक साल से ल
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कर्मचारियों का आरोप है कि मेडस्वान कंपनी उन्हें आठ घंटे काम करने पर न्यूनतम वेतन और इससे अधिक समय काम करने पर ओवरटाइम नहीं दे रही है। इसके अतिरिक्त, उन्हें छुट्टियां भी नहीं दी जाती हैं और ईपीएफ अंशदान में कंपनी का हिस्सा भी मजदूरों से ही काटा जा रहा है। इन मुद्दों पर कई बार वार्ता हो चुकी है, लेकिन कंपनी ने अभी तक मांगों को लागू नहीं किया है।

बैठक में संबोधित करते सीटू के नेता
आंदोलनों को बनाई रूपरेखा: कब किसके विरोध में प्रदर्शन
- बैठक में अन्य आंदोलनों की भी घोषणा हुई। 15 को एसटीपी के आउटसोर्स मजदूरों को 6 माह से वेतन न मिलने के विरोध में शिमला में ईएनसी के राज्य कार्यालय में प्रदर्शन होगा। इसमें मंडी, सरकाघाट व अन्य प्लांटों के मजदूर भी शामिल होंगे।
- मंडी, नेरचौक और सुंदरनगर के रेहड़ी-फहड़ी मजदूरों की मांगों को लेकर 26 दिसंबर को मंडी में प्रदर्शन आयोजित होगा। यूनियन ने स्थानीय विधायक के रेहड़ी-फहड़ी वालों को शहर से बाहर भेजने के मनमाने बयानों का भी कड़ा विरोध किया है।
- केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित चार श्रम संहिताओं को रद्द करने की मांग को लेकर 19 दिसंबर को श्रम विभाग के कार्यालय जवाहर नगर मंडी के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान प्रधानमंत्री को एक मांगपत्र भी सौंपा जाएगा।
- इसके अलावा, 15 दिसंबर से सभी खंडों में मनरेगा जॉब कार्ड धारकों को सौ दिनों का रोजगार सुनिश्चित करने की मांग की गई। उन महिला मजदूरों को रोजगार से वंचित करने के फैसले का विरोध होगा, जिनके पति नौकरी या पेंशन लेते हैं।
- आंगनवाड़ी, मिड डे मील और आउटसोर्स मजदूरों की मांगों को लेकर विधानसभा सत्र के दौरान शिमला में एक विशाल प्रदर्शन की योजना भी बनाई गई है।
