मुख्य बातें
संडे जज्बात-मुझे 5 गोलियां लगीं, 2 महीने कोमा में रहा:  अस्पताल में पत्नी और पुलिस के ताने सुनता रहा; बोलना तो दूर हिल भी नहीं सका

संडे जज्बात-मुझे 5 गोलियां लगीं, 2 महीने कोमा में रहा: अस्पताल में पत्नी और पुलिस के ताने सुनता रहा; बोलना तो दूर हिल भी नहीं सका

मैं अर्जुन पासवान, बिहार के जहानाबाद जिले के जमुआना गांव का रहने वाला हूं। हमारे पास जमीन नहीं थी। दलित होने के नाते जमींदारों के ही रहम-ओ-करम पर जिंदा थे। उनकी जमीनों पर काम के बदले खाने को बाजरा मिलता था। जमींदार रास्ते में मिल जाएं तो हम अपने पैरा . गांव में अकाल पड़ा…

Read More
34 भूमिहारों की हत्या के बदले 58 दलितों का कत्ल:  बिहार के 10 बड़े नरसंहारों की कहानी, दैनिक भास्कर एप पर 12 सितंबर से रोज

34 भूमिहारों की हत्या के बदले 58 दलितों का कत्ल: बिहार के 10 बड़े नरसंहारों की कहानी, दैनिक भास्कर एप पर 12 सितंबर से रोज

34 मिनट पहले कॉपी लिंक बिहार की सियासत का वो दौर जब बैलेट से ज्यादा बुलेट की धमक थी। रातों-रात गांव के गांव जला दिए जाते। कहीं 2 घंटे के भीतर 58 दलितों की लाशें बिछा दी, तो कहीं जाति पूछकर 34 भूमिहारों की गर्दन काट दी। मुख्यमंत्री पीटे गए, सरकार बर्खास्त हो गई। चुनावी…

Read More