3000 श्रद्धालु, संभालने वाला कोई नहीं, भगदड़ में 9 मौतें: चश्मदीद बोले- मंदिर में दम घुटा, लोग गिरे तो भीड़ कुचलकर निकलती रही
‘सुबह के 10 बजे थे। उस दिन एकादशी थी, इसलिए मैं परिवार के साथ भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन करने काशीबुग्गा गई थी। वहां इतनी भीड़ थी कि हम एक घंटे तक लाइन में लगे रहे, तब मुख्य द्वार तक पहुंच पाए। मंदिर में अंदर जाने और बाहर निकलने का एक ही रास्ता था। वो ….
