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भारतीय नौसेना का अरब सागर में युद्धाभ्यास आज से: पाकिस्तान अपने इलाके में करेगा फायरिंग ड्रिल; ऑपरेशन सिंदूर के 4 महीने बाद शक्ति प्रदर्शन

भारतीय नौसेना का अरब सागर में युद्धाभ्यास आज से:  पाकिस्तान अपने इलाके में करेगा फायरिंग ड्रिल; ऑपरेशन सिंदूर के 4 महीने बाद शक्ति प्रदर्शन


मुंबई17 दिन पहले

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तस्वीर 24 अप्रैल 2025 की है। जब पहलगाम हमले के बाद अरब महासागर में भारतीय नौसेना ने नई मिसाइल का परीक्षण किया था।

भारत और पाकिस्तान की नौसेनाएं सोमवार को एक ही समय पर अरब सागर में युद्ध अभ्यास करेंगी। यह ड्रिल अगले कुछ दिनों तक चलेगी। हालांकि, अभी यह जानकारी सामने नहीं आई है कि दोनों देशों के कौन-कौन से युद्धपोत अभ्यास में हिस्सा लेंगे।

डिफेंस सोर्स ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया कि भारतीय नौसेना के युद्धपोत 11-12 अगस्त को अरब सागर में अभ्यास करेंगे। दोनों देशों ने अरब सागर में अपनी-अपनी सीमाओं में ड्रिल के लिए नोटिस टु एयरमैन (NOTAM) जारी किया है।

7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहला मौका है जब दोनों देश अपने-अपने इलाकों में शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय नौसेना गुजरात के पोरबंदर और ओखा में ड्रिल करेगी। इससे करीब लगभग 60 नॉटिकल मील (111 किलोमीटर) दूर पाकिस्तान का अभ्यास होगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय नौसेना गुजरात के पोरबंदर और ओखा में ड्रिल करेगी। इससे करीब लगभग 60 नॉटिकल मील (111 किलोमीटर) दूर पाकिस्तान का अभ्यास होगा।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा

भारत ने 7 मई को रात डेढ़ बजे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकियों के 9 ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की थी। सेना ने कहा था कि इस स्ट्राइक में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे। इनमें आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हेडक्वॉर्टर और जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर का ठिकाना भी शामिल था।

इसके बाद से ही भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा था। हालांकि 10 मई को दोनों देशों के बीच सीजफायर हुआ था। लेकिन तनाव की स्थिति अब भी बनी हुई है।

ऑपरेशन सिंदूर के समय जंगी जहाज INS-सूरत हजीरा पोर्ट पर तैनात किया था

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 1 मई को इंडियन नेवी का जंगी जहाज INS-सूरत पहली बार सूरत के हजीरा पोर्ट पर तैनात किया था। यहां नेताओं और नेवी अफसरों ने इसका स्वागत किया था।

न्यूज एजेंसी ANI के बताया था कि इंडियन नेवी ने अपने सभी वॉरशिप को अलर्ट पर रखा है। अरब सागर में एंटी शिप और एंटी एयरक्राफ्ट फायरिंग की प्रैक्टिस की गई। गुजरात के नजदीक कोस्ट गार्ड को भी अलर्ट पर रखा गया है।

भारत ने 5 दिन में 2 बार मिसाइल टेस्टिंग की थी

27 अप्रैल: अरब सागर में जंगी जहाजों से मिसाइल टेस्टिंग

भारतीय नौसेना ने अरब सागर में अपने जंगी जहाजों से कई मिसाइलों का टेस्ट किया था। यह टेस्ट पूरी तरह सफल रहा। नौसेना ने कहा कि वह दिन-रात देश की रक्षा के लिए तैयार है। समुद्र में कहीं भी कोई खतरा हो, हम उसका आसानी से सामना कर सकते हैं।

भारतीय नौसेना ने अरब सागर में वॉरशिप से कई मिसाइलें छोड़ीं।

भारतीय नौसेना ने अरब सागर में वॉरशिप से कई मिसाइलें छोड़ीं।

24 अप्रैल: INS सूरत से मिसाइल की टेस्टिंग

नेवी ने INS सूरत से मिसाइल की टेस्टिंग की। नेवी ने समुद्र में तैर रहे एक छोटे टारगेट को नष्ट किया। गुजरात के सूरत में दमन सी फेस पर INS सूरत तैनात है। यह युद्धपोत 164 मीटर लंबा और 7,400 टन वजनी है। इसकी अधिकतम गति 30 नॉट्स (लगभग 56 किमी/घंटा) है। इसमें अत्याधुनिक हथियार- ब्रह्मोस और बाराक-8 मिसाइल और AI बेस्ड सेंसर सिस्टम है।

26 अगस्त को नौसेना में शामिल होंगे दो युद्धपोत

भारतीय नौसेना के दो आधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट युद्धपोत-उदयगिरि (F35) और हिमगिरि (F34) 26 अगस्त को एक साथ नौसेना में शामिल किए जाएंगे। यह पहली बार होगा जब दो बड़े युद्धपोत देश के दो प्रमुख शिपयार्ड्स से बनकर एक साथ कमीशन होंगे। इन्हें शामिल करने का कार्यक्रम विशाखापट्टनम में होगा।

उदयगिरि को मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) ने बनाया है और इसे 1 जुलाई को नौसेना को सौंपा गया था। वहीं, हिमगिरि को कोलकाता के गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) ने तैयार किया है। दोनों युद्धपोत प्रोजेक्ट 17A (P17A) के तहत बनाए गए हैं।

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