मुख्य बातें

दावा- जिनपिंग की सीक्रेट चिट्ठी से सुधरे भारत-चीन रिश्ते: राष्ट्रपति मुर्मू को लिखा- हम ट्रम्प के टैरिफ से परेशान; फिर तय हुआ मोदी का चीन दौरा

दावा- जिनपिंग की सीक्रेट चिट्ठी से सुधरे भारत-चीन रिश्ते:  राष्ट्रपति मुर्मू को लिखा- हम ट्रम्प के टैरिफ से परेशान; फिर तय हुआ मोदी का चीन दौरा


नई दिल्ली/बीजिंग18 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

इस साल मार्च में जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने चीन के खिलाफ ट्रेड वॉर शुरू किया तब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक सीक्रेट चिट्ठी लिखी थी।

यह दावा ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में किया गया है। इस चिट्ठी के जरिए उन्होंने दोनों देशों के संबंधों में सुधार की संभावनाएं टटोली थीं। इसके बाद ही दोनों देशों के संबंध बेहतर होने शुरू हुए।

रिपोर्ट के मुताबिक सीक्रेट चिट्ठी में जिनपिंग ने बताया था कि अमेरिका ने चीन पर 145% टैरिफ लगा दिया है। इससे दोनों देशों के बीच ट्रेड वॉर शुरू हो गया है। इसके कुछ महीने बाद मोदी के चीन जाने का प्लान बना।

मोदी ने मार्च में दुनियाभर के देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। इसके बाद उन्होंने 2 अप्रैल को 70 से ज्यादा देशों पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया।

मोदी ने मार्च में दुनियाभर के देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। इसके बाद उन्होंने 2 अप्रैल को 70 से ज्यादा देशों पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया।

PM मोदी तक पहुंचाई गई चिट्ठी

रिपोर्ट में एक भारतीय अधिकारी के हवाले से दावा किया गया है कि यह चिट्ठी पीएम मोदी तक भी पहुंचाई गई थी ताकि वे इस बात का आकलन कर सकें कि रिश्तों को बेहतर बनाने की कितनी संभावनाएं हैं।

चिट्ठी में चीन ने खास तौर पर इस चिंता को जताया था कि भारत और अमेरिका के बीच होने वाला कोई भी समझौता चीन के हितों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसमें में यह भी लिखा गया था कि बीजिंग की ओर से संबंध सुधारने की कोशिशों का नेतृत्व एक प्रांतीय अधिकारी करेगा।

जून से भारत-चीन के रिश्ते में बदलाव आया

ब्लूमबर्ग का कहना है कि जून तक भारत ने जिनपिंग की चिट्ठी का कोई ठोस जवाब नहीं दिया था। लेकिन तब हालात तेजी से बदले भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक बातचीत विवादों में फंस गई।

ट्रम्प बार-बार खुद को भारत-पाकिस्तान संघर्ष में सीजफायर कराने वाला बताने लगे थे। भारत की स्थिति को कमजोर करने की कोशिशों से मोदी सरकार नाराज थी। इसके बाद भारत ने जून में चीन की ओर से आई पहल का गंभीरता से जवाब देना शुरू किया।

इसके बाद भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल चीन गए थे।

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने 19 अगस्त को चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की।

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने 19 अगस्त को चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की।

हालांकि, रिपोर्ट यह भी मानती है कि ट्रम्प के टैरिफ से पहले ही भारत और चीन गंभीर बातचीत में जुटे हुए थे। पिछले साल दोनों देशों ने लद्दाख में जारी गतिरोध को आंशिक तौर पर हल करने के लिए एक समझौता किया था। इसी समझौते ने मोदी और शी जिनपिंग की पहली सीधी मुलाकात का रास्ता खोला।

अब प्रधानमंत्री मोदी शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (SCO) समिट के लिए चीन जा रहे हैं। वहां उनकी मुलाकात जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति पुतिन से होगी। इस मुलाकात को अमेरिका कड़ी नजर से देख रहा है, क्योंकि यह उसके लिए रणनीतिक चिंता का विषय बन सकता है।

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *