पानीपत जिला परिषद की पूर्व चेयरपर्सन काजल देशवाल।
पानीपत में जिला परिषद की चेयरपर्सन रही काजल देशवाल को हरियाणा डिवेलपमेंट एंड पंचायत डिपार्टमेंट के कमिश्नर से भी राहत नहीं मिली है। काजल की अपील को खारिज करते हुए विभाग के कमिश्नर साकेत कुमार ने कहा कि इस मामले में तथ्यों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, इ
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काजल देशवाल का जाति प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने पर पानीपत के डीसी ने काजल देशवाल को पद से बर्खास्त कर दिया था। काजल पानीपत जिला परिषद के वार्ड-13 से चुनाव जीती थी। यह वार्ड पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित था। काजल ने खुद को कश्यप राजपूत बताते हुए BC-A वर्ग का जाति प्रमाणपत्र लगाया था। बाद में काजल देशवाल भाजपा समर्थित चेयरपर्सन ज्योति शर्मा को कुर्सी से हटा कर चेयरपर्सन बनीं।
ज्योति शर्मा के पति प्रदीप कुमार ने काजल का जाति सर्टिफिकेट फर्जी होने की शिकायत की थी। इसी शिकायत के आधार पर पानीपत डीसी ने यूपी के सहारनपुर जिले के डीएम से रिपोर्ट मांगी। अपनी रिपोर्ट में सहारनपुर के डीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कश्यप राजपूत पिछड़ा नहीं बल्कि सामान्य श्रेणी से आते हैं।
चेयरपर्सन काजल देशवाल को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष बड़ौली आशीर्वाद देते हुए।
जानिए कैसे 3 साल साल से जिला परिषद चेयरपर्सन को लेकर भाजपा में चल रहा घमासान
पहले ज्योति शर्मा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, फिर काजल बर्खास्त
27 दिसंबर 2022 को भाजपा के समर्थन से ज्योति शर्मा पानीपत जिला परिषद की चेयरपर्सन बनी थीं। एक साल बाद ही उनके खिलाफ आवाज उठनी शुरू हो गई। अविश्वास प्रस्ताव आने की वजह से उन्होंने 6 मार्च 2024 को पद छोड़ दिया। तब 17 में से 13 पार्षद उनके खिलाफ थे।
14 जून 2024 को भाजपा के समर्थन से सर्वसम्मति से जिला परिषद की नई चेयरपर्सन चुनी गई। वह एक साल ही कुर्सी पर रह सकी। जाति प्रमाणपत्र फर्जी साबित होने पर जून 2025 में बर्खास्त कर दिया गया। तब से चेयरपर्सन की कुर्सी खाली है।
भाजपा का पटका पहनकर भी नहीं बचा पाई कुर्सी
भाजपा समर्थित चेयरपर्सन ज्योति को कुर्सी से हटाने में कामयाब हुई काजल व उनके पति संदीप देशवाल ने भाजपा का पटका पहन लिया था। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने उन्हें पार्टी में शामिल कराया था। भाजपा में जाने के बावजूद काजल अपनी कुर्सी नहीं बचा पाईं।
धोखाधड़ी की FIR दर्ज हुई, अग्रिम जमानत मिली
प्रदीप कुमार की शिकायत काजल देशवाल के खिलाफ पानीपत सिटी थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी, षडयंत्र रचने की धाराओं (IPC 420, 467, 468 व 471) में केस दर्ज हुआ है। प्रदीप कुमार की ओर से CM नायब सैनी को भेजी गई शिकायत के आधार पर दर्ज हुआ है। शिकायत में कहा गया कि काजल देशवाल का जाति सर्टिफिकेट फर्जी पाया गया। इसी के आधार पर काजल को चेयरपर्सन पद से बर्खास्त किया गया। हालांकि काजल को इस मामले में तीन दिन पहले ही अग्रिम जमानत मिल चुकी है।
