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मूवी रिव्यू- परम सुंदरी: हल्के-फुल्के अंदाज में संस्कृति, प्यार और कॉमेडी की झलक, जान्हवी-सिद्धार्थ की जोड़ी ने जीता दिल; कहीं-कहीं चेन्नई एक्सप्रेस जैसा होता है अहसास

मूवी रिव्यू- परम सुंदरी:  हल्के-फुल्के अंदाज में संस्कृति, प्यार और कॉमेडी की झलक, जान्हवी-सिद्धार्थ की जोड़ी ने जीता दिल; कहीं-कहीं चेन्नई एक्सप्रेस जैसा होता है अहसास


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  • A Glimpse Of Culture, Love And Comedy In A Light hearted Manner, Janhvi Siddharth’s Pair Won Hearts; Also Reminds Of Chennai Express

19 मिनट पहलेलेखक: आशीष तिवारी

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सिद्धार्थ मल्होत्रा और जान्हवी कपूर की फिल्म परम सुंदरी सिनेमाघरों में आ चुकी है। नाम सुनते ही कानों में वही हिट गाना गूंजता है, लेकिन यह फिल्म उससे अलग एक नॉर्थ-मीट-साउथ रोमांटिक कहानी है। हल्की-फुल्की कॉमेडी, प्यार और थोड़ी-सी भावुकता के बीच यह मूवी दर्शकों को एंटरटेन करने की कोशिश करती है। इस फिल्म की लेंथ 2 घंटा 16 मिनट है। इस फिल्म को दैनिक भास्कर ने 5 में से 3 स्टार की रेटिंग दी है।

फिल्म की कहानी क्या है?

दिल्ली का मस्तमौला लड़का परम (सिद्धार्थ) एक डेटिंग ऐप पर साउथ इंडियन लड़की सुंदरी (जान्हवी) से मिलता है। शुरुआती मुलाकातों में टकराव और मजाक चलते हैं, लेकिन धीरे-धीरे दोनों की नोक-झोंक प्यार में बदल जाती है।

कहानी सीधी है, कई बार पहले देखी-सुनी भी लगती है, लेकिन इसकी पेशकश इसे ताजा बनाती है। हालांकि कई जगह फिल्म शाहरुख-दीपिका की चेन्नई एक्सप्रेस की याद दिलाती है, खासकर नॉर्थ के लड़के और साउथ की लड़की वाला एंगल। लेकिन जहां चेन्नई एक्सप्रेस ओवर-द-टॉप कॉमेडी और ड्रामा पर टिकी थी, वहीं परम सुंदरी थोड़ी हल्की-फुल्की और यथार्थवादी टोन में आगे बढ़ती है।

स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है?

सिद्धार्थ मल्होत्रा परम के रोल में सहज लगे। कॉमेडी टाइमिंग और रोमांटिक सीन्स में उन्होंने अच्छा काम किया है। जान्हवी कपूर ने इस फिल्म में आत्मविश्वास से भरा परफॉर्मेंस दिया। उनका किरदार पारंपरिक भी है और मॉडर्न भी, जिसे उन्होंने बैलेंस कर दिखाया। दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है।

फिल्म का डायरेक्शन और तकनीकी पहलू कैसा है?

निर्देशक तुषार जलोटा ने नॉर्थ-साउथ कल्चर की टकराहट और मिलन को हल्के अंदाज में दिखाने की कोशिश की। फिल्म केरल की खूबसूरती को कैमरे पर शानदार तरीके से उतारा गया है। सिनेमैटोग्राफी विजुअली मजबूत है और गानों की शूटिंग रंगीन लगती है। हालांकि इंटरवल के बाद फिल्म की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। कुछ सीन लंबे खिंचते हैं और एडिटिंग थोड़ी और कसावट मांगती है।

फिल्म का म्यूजिक कैसा है?

सचिन-जिगर का म्यूजिक फिल्म को ताजगी देता है। पर्देसिया और भीगी साड़ी जैसे गाने पहले से ही हिट हो चुके हैं। बैकग्राउंड स्कोर भी कहानी को सपोर्ट करता है और कई सीन में मूड सेट करता है।

फाइनल वर्डिक्ट, देखें या नहीं?

परम सुंदरी कोई बहुत नई कहानी नहीं सुनाती, लेकिन इसमें हल्का-फुल्का हास्य, सुंदर नजारे और प्यारी जोड़ी है। अगर आप एक फील-गुड, परिवार के साथ आराम से देखने लायक रोमांटिक फिल्म ढूंढ रहे हैं तो यह फिल्म वीकेंड पर सही विकल्प है।



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