गुरुग्राम में हनीट्रैप मामले में पुलिस ने इन महिलाओं को अरेस्ट किया है। – फाइल फोटो
हरियाणा के गुरुग्राम में एक बुजुर्ग को हनीट्रैप में फंसाने का मामला सामने आया है। दो महिलाओं ने बुजुर्ग से फोन पर दोस्ती की। फिर उसके साथ एक महिला ने शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद बुजुर्ग को रेप केस में फंसाने की धमकी देकर 10 लाख रुपए की मांग की।
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हालांकि, बुजुर्ग ने समय रहते अपनी बेटी को सारी बात बताई और पालम विहार थाने में शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद हरियाणा महिला आयोग और एकम न्याय फाउंडेशन के सहयोग से पुलिस ने दोनों आरोपी महिलाओं और उनके सहयोगी वकील को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों की पहचान रोहतक के सेक्टर-27 की रहने वाली कंचन (24) उर्फ कृतिक, दिल्ली के रत्न विहार की रहने वाली आशा (47) उर्फ रेनू और भिवानी के निवासी वकील कुलदीप मलिक (40) के रूप में हुई है।
(बाएं से) एकम न्याय फाउंडेशन की निदेशक दीपिका नारायण भारद्वाज, महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया और एडवोकेट अंकित। इन तीनों ने ही आरोपियों को पकड़वाया है।
फोन पर मिस कॉल कर बुजुर्ग को फंसाया पालम विहार थाना पुलिस को दी शिकायत में पीड़ित की बेटी ने बताया कि दोनों आरोपी महिलाओं ने उसके विधुर पिता से 24 मई को फोन पर मिस्ड कॉल कर दोस्ती की। इसके बाद दोनों तरफ से बातचीत शुरू हो गईं। 4 मई को आरोपी महिलाएं बुजुर्ग के पास उसके घर आ गईं। उनमें से एक ने बुजुर्ग के साथ शारीरिक संबंध बनाए।
शारीरिक संबंध बनाकर 10 लाख रुपए मांगे पीड़ित की बेटी ने कहा- शारीरिक संबंध बनाने वाली महिला थोड़ी देर बाद यह कहकर चली गई कि “काम हो गया, सबूत मिल गया।” इसके थोड़ी देर बाद ही पिता को ब्लैकमेल करने वाले धमकी भरे कॉल आने शुरू हो गए। उनसे 10 लाख रुपए मांगे जा रहे थे। उन्हें धमकी दी जा रही थी कि अगर पैसे नहीं दिए तो रेप के झूठे केस में फंसवा देंगे। उनके पास अलग-अलग नंबरों से फोन आ रहे थे।
महिलाओं ने बुजुर्ग के खिलाफ रेप केस दर्ज कराया शिकायतकर्ता ने कहा कि जब उसके पिता ने महिलाओं की बात नहीं मानी तो आरोपियों ने पिता के खिलाफ घटना के 18 जून को थाने में रेप केस दर्ज करवा दिया। जब केस का पता चला तो परिवार ने 11 जुलाई को अपने वकील अंकित गुप्ता और एकम न्याय फाउंडेशन की निदेशक दीपिका नारायण भारद्वाज से संपर्क किया।

पीड़ित ने DCP को शिकायत दी, कॉल रिकॉर्डिंग सौंपी पीड़ित की बेटी के मुताबिक, इसके बाद इन्होंने 21 जुलाई को डीसीपी करण गोयल से मुलाकात की और उन्हें मामले से अवगत कराया। पुलिस को एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी दी गई, जिसमें कुलदीप मलिक नाम का वकील आरोपी महिलाओं और उनके गिरोह से बुजुर्ग को मुक्त कराने के लिए 10 के बजाय साढ़े 6 लाख रुपए में फाइनल सौदा कराने की बात कह रहा है। वह कह रहा है कि महिलाओं का पूरे हरियाणा में नेटवर्क चलता है। ये तुम्हें फंसा देंगी। साथ ही उसने कहा कि सौदा कर लो, पहली ही तारीख में केस खत्म करवा दूंगा।
गुरुग्राम से आरोपी गिरफ्तार हुए बुजुर्ग की बेटी ने बताया कि सबूत के साथ उन्होंने 27 अगस्त को महिलाओं और धमकी देने वाले वकील के खिलाफ FIR दर्ज करवाई। इसके बाद पुलिस ने इन तीनों को 31 अगस्त को गुरुग्राम से ही गिरफ्तार कर लिया। इनमें कंचन और वकील कुलदीप मलिक रोहतक के रहने वाले हैं। जबकि, आशा दिल्ली की रहने वाली है।
पुलिस बोली- नारी निकेतन में काम करती है आरोपी पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि आरोपी महिला आशा दिल्ली में नारी निकेतन में काम करती है। उसने पीड़ित बुजुर्ग के बारे में जानकारी इकट्ठी की। फिर घटना को अंजाम देने के लिए अपनी दोस्त कंचन के साथ मिलकर रेप का झूठा केस दर्ज करवा दिया।
