प्रशिक्षण कार्यक्रम में संबोधित करते पूर्व डीजीपी डॉ. के.पी. सिंह।
हरियाणा पुलिस अकादमी, मधुबन जिला करनाल के सरदार पटेल सम्मेलन कक्ष में सोमवार से नवनियुक्त न्यायिक अधिकारियों का तीन सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। यह प्रशिक्षण चंडीगढ़ स्थित न्यायिक अकादमी की देखरेख में आयोजित किया गया, जो 17 सितम्बर तक चलेग
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उन्होंने न्यायिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि न्याय देना ही काफी नहीं है, बल्कि यह दिखना भी जरूरी है कि न्याय हो रहा है। इसी से आम जनता में कानून और व्यवस्था के प्रति भरोसा मजबूत होता है।
मुख्य अतिथि डॉ. सिंह को स्मृति स्वरूप पौधा भेंट करते निदेशक डॉ. चावला।
न्यायिक अधिकारी को होना चाहिए धैर्यवान
मुख्य अतिथि डॉ. सिंह ने कहा कि न्यायिक अधिकारियों की भूमिका लोकतांत्रिक व्यवस्था में बेहद अहम होती है। उन्हें हर स्थिति में धैर्यवान, अनुशासित और संवेदनशील बने रहना चाहिए। सामने वाले की बात ध्यान से सुनना और संयम से निर्णय लेना न्यायपालिका की गरिमा बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि अच्छे अनुभव और निरंतर अभ्यास से ही न्यायिक अधिकारी अपने कर्तव्य का निर्वहन बेहतर तरीके से कर सकते हैं।
कानून व्यवस्था चुनौतियों को समझने का मौका
कार्यक्रम में अकादमी के निदेशक डॉ. अरशिंद्र सिंह चावला ने कहा कि प्रशिक्षण से न्यायिक अधिकारियों को पुलिस की कार्यप्रणाली, विवेचना और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों को करीब से समझने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस और न्यायपालिका के बीच मजबूत समन्वय से ही पारदर्शिता बढ़ेगी और अंतिम व्यक्ति तक न्याय आसानी से पहुंच सकेगा।
साथ ही कार्यक्रम में अलग-अलग विषयों के विशेषज्ञ भी अपनी जानकारी साझा करेंगे।

कार्यक्रम में बोलते हुए अकादमी निदेशक डॉ. अरशिंद्र सिंह चावला।
56 अधिकारी ले रहे प्रशिक्षण में भाग
कार्यक्रम में कुल 56 नवनियुक्त न्यायिक अधिकारी शामिल हुए हैं। तीन सप्ताह तक चलने वाले प्रशिक्षण में पुलिसिंग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम में अकादमी की पुलिस अधीक्षक पुष्पा ने सभी मेहमानों का स्वागत किया और जिला उप-न्यायवादी सुरेंद्र कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस मौके पर पुलिस अधीक्षक बलजिंद्र सिंह, जिला न्यायवादी डॉ. सोहन सिंह, पुलिस उप-अधीक्षक मनीषा और अकादमी स्टाफ भी मौजूद रहा।
