मवेशियों को संक्रमित रोग लंपी रोग से बचाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
शिवहर जिले के पुरनहिया प्रखंड क्षेत्र में मवेशियों को संक्रमित रोग लंपी रोग से बचाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रियरंजन के नेतृत्व में पशु चिकित्सालय की टीम विभिन्न पंचायतों का दौरा कर रही है।
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टीम बसंत जगजीवन, चकसोनौल, कटैया बराही, जगदीश बराही और मोहन बैरीया सहित कई गांवों में किसानों से मिलकर लंपी रोग के बचाव के तरीके बता रही है। डॉ. प्रियरंजन ने बताया कि मवेशियों में चकत्ते जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत पशु चिकित्सालय पुरनहिया या टोल फ्री नंबर 1962 पर संपर्क करें।
घरेलू उपचार के लिए कई प्रभावी नुस्खे बताए गए हैं। नीम, गूगल और कपूर का धुआं करना फायदेमंद है। नीम की पत्तियों और फिटकरी से स्नान कराएं। तुलसी, गिलोय और मुलेठी का सेवन कराएं। गोबर के कांडों पर गूगल, कपूर, नीम के सूखे पत्ते और लोबान से धुआं करें।
पशुओं को नहलाने के लिए 25 लीटर पानी में एक मुट्ठी नीम की पत्ती का पेस्ट और 100 ग्राम फिटकरी मिलाएं। तुलसी, दालचीनी पाउडर, काली मिर्च, अश्वगंधा, गिलोय और मुलेठी को गुड़ के साथ मिलाकर खिलाएं।
पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि टीकाकरण इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। संक्रमित पशुओं के लिए मोबाइल पशु चिकित्सा वाहन की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही पशुओं की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
