जमुई में बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) पटना द्वारा आयोजित 71वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए शुक्रवार को जिला पदाधिकारी (डीएम) की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक हुई।
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बैठक में सभी केंद्र अधीक्षक, स्टैटिक मजिस्ट्रेट, जोनल/सुपर जोनल पदाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों ने भाग लिया।
12 केंद्रों पर होगी परीक्षा
बैठक में बताया गया कि जिले में कुल 12 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 4956 परीक्षार्थी 13 सितंबर 2025 को आयोजित होने वाली इस परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा पूर्वाह्न 11 बजे से शुरू होगी, लेकिन परीक्षार्थियों को सुबह 9:30 बजे से 11:00 बजे तक ही परीक्षा भवन में प्रवेश की अनुमति होगी। 11:30 के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
परीक्षार्थियों के लिए कड़े निर्देश
परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र पर केवल दो ई-एडमिट कार्ड, पहचान पत्र और ब्लू या ब्लैक पेन साथ लाने की अनुमति होगी। किसी अन्य सामग्री के साथ प्रवेश वर्जित रहेगा। परीक्षा कार्य में संलग्न सभी कर्मियों – जैसे वीक्षक, कार्यालय परिचारी और अन्य – को मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
परीक्षा केंद्रों के मुख्य प्रवेश द्वार पर फ्रिस्किंग की व्यवस्था के लिए कपड़े से घेरा बनाकर अस्थायी जांच स्थल तैयार करने का निर्देश दिया गया। सभी केंद्र अधीक्षकों से कहा गया कि वे अपने केंद्रों पर कार्यरत सभी कर्मियों और शिक्षकों को पहचान पत्र निर्गत करें तथा निरीक्षण पंजी का विधिवत संधारण सुनिश्चित करें।
दिव्यांग परीक्षार्थियों के लिए विशेष व्यवस्था
डीएम ने दिव्यांग परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने का आदेश दिया। जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं केंद्र अधीक्षकों को ऐसे अभ्यर्थियों के लिए अपेक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
सीसीटीवी व जैमर की निगरानी
बैठक में बताया गया कि आयोग के निर्देशानुसार सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और जैमर लगाए जा रहे हैं। केंद्र अधीक्षकों को स्पष्ट किया गया कि वे स्टैटिक दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल के साथ सहयोग सुनिश्चित करें।
डीएम ने चेतावनी दी कि परीक्षा कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर संबंधित पदाधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



