बलरामपुर के संयुक्त जिला कार्यालय भवन की निर्माण गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल उठे हैं। 30 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बने इस बहुमंजिला भवन में बारिश ने सीलन और रिसाव की समस्या को उजागर कर दिया है।
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भवन में कलेक्टर कार्यालय सहित राजस्व, पंचायत, शिक्षा, महिला और बाल विकास, श्रम, खाद्य, योजना, कृषि, स्वास्थ्य और खनिज समेत 20 से अधिक विभाग कार्यरत हैं। वर्तमान में सभी कार्यालयों की छतों से पानी टपक रहा है। दीवारों से बहता पानी महत्वपूर्ण दस्तावेजों और कंप्यूटर जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों तक पहुंच रहा है।
भवन निर्माण में शुरू से ही गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे हैं। तत्कालीन कलेक्टर एलेक्स पाल मेनन के कार्यकाल में कच्चे ईंटों का प्रयोग किया गया था। अब ये ईंटें जर्जर हो रही हैं। दीवारें जगह-जगह से टूट रही हैं। इससे भवन की संरचनात्मक मजबूती भी संदेह में है।
कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने लोक निर्माण विभाग को मरम्मत के निर्देश दिए हैं। बता दें कि जिला मुख्यालय बनने के बाद प्रशासनिक भवनों की कमी के कारण पहले कलेक्टर कार्यालय पुराने जनपद कार्यालय में चलता था और अन्य विभाग किराए के भवनों में संचालित होते थे।
