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पानीपत में डीजे बजाने को लेकर गाइडलाइन होगी तैयार: संस्था प्रतिनिधियों की एडीसी से मुलाकात, मर्यादा में रहकर मनाएं त्योहार – Panipat News

पानीपत में डीजे बजाने को लेकर गाइडलाइन होगी तैयार:  संस्था प्रतिनिधियों की एडीसी से मुलाकात, मर्यादा में रहकर मनाएं त्योहार – Panipat News


एडीसी से मिलकर लौटते संस्थाओं के पदाधिकारी।

पानीपत शहर में दशहरे पर्व को लेकर हनुमान सभाओं द्वारा रात्रि में नगर भ्रमण के दौरान डीजे के प्रयोग को लेकर विवाद छिड़ता जा रहा है। जहां एक ओर दशहरा कमेटियों द्वारा डीजे बजाने को लेकर मर्यादा में रहने की बात की जा रही है, तो वहीं हनुमान सभाओं द्वारा अप

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एडीसी को ज्ञापन सौंपते संस्थाओं के प्रतिनिधि।

हनुमान सभाओं का कहना है कि हमें दिवाली पर पटाखे जलाने से मना किया जाता है और होली पर पानी का दुरूपयोग करने से रोका जाता है। अब दशहरे पर्व को लेकर भी डीजे बजाने पर पाबंदी लगाई जा रही थी। इन 10 दिनों के त्योहारों का शहर की सभी सभा इंतजार करती रहती है, इसलिए हमें धूमधाम से त्योहारों को मनाने का अवसर दिया जाए।

जल्द अधिकारी देंगे अपना निर्णय

वहीं दशहरा कमेटियों के प्रधानों ने मामले को लेकर वीरवार को एडीसी के साथ बैठक कर समस्या से अवगत कराया और मर्यादा में रहकर डीजे बजाने की बात रखी। जिस पर अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि दोनों पक्षों की बातों को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया जाएगा।

सनातन धर्म सभा प्रधान तरूण गांधी।

सनातन धर्म सभा प्रधान तरूण गांधी।

स्टेडियम में डीजे के प्रवेश पर रोक- तरूण गांधी

सनातन धर्म सभा मॉडल टाउन प्रधान तरूण गांधी ने कहा कि शहर की दशहरा कमेटियों के प्रधान एडीसी से मिले थे, पिछले 10 दिनों से डीजे बज रहे है और लोगों के रोजाना फोन आते है कि आपका डीजे खड़ा है और हमारे घर में मरीज है, जिन्हें डीजे के बजाने के परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों से डीजे के बजने पर नियम बनाने की मांग की गई है।

20 साल से हम धर्म का प्रचार कर रहे है, हमारे लिए सभी धर्म एक समान है और हम सभी धर्मों का सम्मान करते है। डीजे की शिवाजी स्टेडियम में एंट्री नहीं होगी। मेरे रिश्तेदारों के विचार अलग हो सकते है। सभी संस्थाओं को सोचना चाहिए और देर रात में नगर परिक्रमा नहीं करनी चाहिए। उसके लिए एक समय होना चाहिए।

सनातन धर्म संगठन प्रधान कृष्ण रेवड़ी।

सनातन धर्म संगठन प्रधान कृष्ण रेवड़ी।

एम्बुलेंस तक ध्यान नहीं रहती- कृष्ण रेवड़ी

सनातन धर्म संगठन प्रधान कृष्ण रेवड़ी ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात की है। अधिकारियों का कहना है कि समस्या का हल अवश्य निकाला जाएगा। डीजे वाले को खुद बाजारों में नहीं पता होता कि उसके पीछे एम्बुलेंस आ रही है। शहर के आधे लोग बजाने के हक में है और आधे लोग नहीं चाहते।

जानकारी देते हुए समाजसेवी वेद पराशर।

जानकारी देते हुए समाजसेवी वेद पराशर।

मर्यादा में रहकर धर्म का पालन हो-वेद पराशर

समाजसेवी वेद पराशर ने कहा कि डीजे के बजने से सभी लोगों को परेशानी होती है, बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है और बुजुर्गों को भी दिक्कत होती है। ये किसी विशेष व्यक्ति की समस्या नहीं है, अपितु पूरे शहर की समस्या है। धर्म का पालन मर्यादा में रहकर करना चाहिए। हमारा अधिकारियों से कहना है कि मर्यादा में रहकर त्योहार मनाए जाने चाहिए। हम किसी धर्म का विरोध नहीं कर रहे है।

जानकारी देते हुए विकास गोयल।

जानकारी देते हुए विकास गोयल।

हनुमान सभाएं शहर का गुमान-विकास गोयल

समाजसेवी विकास गोयल ने कहा कि ये एक ऐसा निर्णय नहीं है, जिसे तुरंत लिया जाए। डीजे का बजाना मर्यादा में होना चाहिए। हनुमान सभाएं शहर का गुमान है। डीजे को बैन करने की बजाय इसका विकल्प होना चाहिए। इसलिए प्रशासन गाइडलाइन बनाए और आदेश जारी करें। इससे सभी शहरवासियों का भला है, गली गली से रामभक्त निकलकर आ रहे है और वो मर्यादा में रहकर बजाने के लिए तैयार भी है।

जानकारी देते हुए रमेश माटा।

जानकारी देते हुए रमेश माटा।

ग्राउंड में नहीं आते डीजे-रमेश माटा

सनौली रोड दशहरा कमेटी प्रधान रमेश माटा ने कहा कि डीजे आज से पहले कभी दशहरा ग्राउंड में नहीं आए। डीजे के तेज आवाज में बजने से बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी होती है। हमारा किसी सभा का विरोध नहीं है, हम बस केवल ये चाहते है कि मर्यादा में रहकर त्योहारों को मनाया जाए, जिससे आमजन को दिक्कत न हो।

जानकारी देते हुए एडीसी डॉ. पंकज।

जानकारी देते हुए एडीसी डॉ. पंकज।

सभी की आस्था हमारे लिए सर्वोपरि-एडीसी

एडीसी डॉ. पकंज ने कहा कि सभी की आस्था हमारे लिए सर्वोपरि है। हमारा काम धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने का नहीं है। सभी वर्गों के लोगों के साथ चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन में पूर्ण बैन के आदेश नहीं है, उसमें साउंड सिस्टम को 80 डिसेबल से ऊपर नहीं ले जाना है और रात के समय पब्लिक को परेशान नहीं करना है। नियमों के दायरे में रहते हुए पर्व को मनाया जाए।



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