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हिंडनबर्ग केस में अडाणी को SEBI से क्लीन चीट: अमेरिकी शॉर्ट सेलर कंपनी ने ग्रुप पर मनी लॉन्ड्रिंग और शेयर मैनिपुलेशन के आरोप लगाए थे

हिंडनबर्ग केस में अडाणी को SEBI से क्लीन चीट:  अमेरिकी शॉर्ट सेलर कंपनी ने ग्रुप पर मनी लॉन्ड्रिंग और शेयर मैनिपुलेशन के आरोप लगाए थे


मुंबई14 मिनट पहले

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हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद शेयर अडाणी एंटरप्राइजेज का शेयर 59% गिरा था

सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने गुरुवार,18 सितंबर को हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों को खारिज करते हुए अडाणी ग्रुप को क्लीन चिट दे दी है। अमेरिकी शॉर्ट-सेलर कंपनी ने गौतम अडाणी और उनकी कंपनियों (जैसे- अडाणी पोर्ट्स और अडाणी पावर) पर शेयर बाजार में हेरफेर के आरोप लगाए थे।

24 जनवरी 2023 को हिंडनबर्ग रिसर्च ने एक रिपोर्ट जारी की, जिसमें अडाणी ग्रुप पर मनी लॉन्ड्रिंग से लेकर शेयर मैनिपुलेशन जैसे कई आरोप लगाए गए थे। इससे 25 जनवरी तक ग्रुप के शेयरों की मार्केट वैल्यू करीब 12 बिलियन डॉलर (1 लाख करोड़ रुपए) कम हो गई।

जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 6 सदस्यीय कमेटी बनाई थी

हालांकि, अडाणी ने किसी भी गलत काम के आरोपों से इनकार किया था। हालांकि इस केस की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 6 सदस्यीय कमेटी बनाई और सेबी ने भी मामले की जांच की।

इस मामले में अडाणी को पहले ही कोर्ट ने बरी कर दिया है। फैसले के बाद गौतम अडाणी ने कहा था, ‘कोर्ट के फैसले से पता चलता है कि सत्य की जीत हुई है। सत्यमेव जयते। मैं उन लोगों का आभारी हूं जो हमारे साथ खड़े रहे। भारत की ग्रोथ स्टोरी में हमारा योगदान जारी रहेगा। जय हिन्द।

रिपोर्ट के बाद शेयर अडाणी एंटरप्राइजेज का शेयर 59% गिरा था

24 जनवरी 2023 (भारतीय समय के अनुसार 25 जनवरी) को अडाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज के शेयर का प्राइस 3442 रुपए था। 25 जनवरी को ये 1.54% गिरकर 3388 रुपए पर बंद हुआ था। 27 जनवरी को शेयर के भाव 18% गिरकर 2761 रुपए पर आ गए थे। 22 फरवरी तक ये 59% गिरकर 1404 रुपए तक पहुंच गए थे।

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अडाणी पर रिपोर्ट पेश करने वाली हिंडनबर्ग रिसर्च कंपनी बंद: फाउंडर बोले- जिन विचारों पर काम किया, उनके पूरे होते ही इसे बंद करना था

अमेरिकी शॉर्ट-सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग के फाउंडर नाथन एंडरसन ने इसके बंद करने की घोषणा करीब 8 महीने पहले की थी। उन्होंने कहा कि कंपनी बंद करने का फैसला काफी बातचीत और सोच कर लिया है। हालांकि एंडरसन ने कंपनी बंद करने का कोई विशेष कारण नहीं बताया। हिंडनबर्ग रिसर्च की शुरुआत 2017 में हुई थी।

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