नवरात्र उत्सव 2025 को लेकर बैतूल में सोमवार को पुलिस कंट्रोल रूम में बैठक हुई। इसमें गरबा समितियों, अखाड़ा आयोजकों और डीजे संचालकों को बुलाया गया।
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बैठक में एडिशनल एसपी कमला जोशी, एसडीओपी सुनील लाटा और टीआई सत्यप्रकाश सक्सेना मौजूद रहे। समितियों को सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार आयोजन करने के निर्देश दिए गए। गरबा और डांडिया कार्यक्रम रात 10 से 11 बजे तक हर हाल में बंद करना अनिवार्य होगा। डीजे नियंत्रित डेसिबल पर ही चलेंगे। आयोजनों में बाउंसर तैनात होंगे और सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य रहेगा। प्रतिभागियों और दर्शकों के लिए अलग-अलग पास जारी किए जाएंगे और आधार कार्ड भी चेक होंगे।
जिले में इस बार करीब दस बड़े गरबा आयोजन होंगे। बैठक में छह गरबा समितियां शामिल हुईं। एएसपी कमला जोशी ने बताया कि बताया कि अगले चरण में डीजे संचालकों और अन्य समितियों को भी बुलाकर निर्देश दिए जाएंगे।
पुलिस प्रशासन ने अपील की कि दुर्गा पांडाल सड़क पर आवागमन बाधित करने वाले स्थान पर न लगाएं, बिजली के तारों के नीचे पंडाल न बनाएं, पंडाल में फायर एक्सटिंग्विशर और पानी का ड्रम रखें। बड़े पंडालों में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग बैरिकेडिंग करें।
विवादित और भड़काऊ गीत न बजाएं और जुलूस निकालते समय दूसरे धर्म के स्थलों का सम्मान करें। विसर्जन गहरे पानी में न जाकर गोताखोरों की मदद से किया जाए। बड़े पंडालों और गरबा स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य रहेगा। पुलिस ने कहा कि सभी समितियां दिशा-निर्देशों का पालन कर शांति और सौहार्द के साथ नवरात्र उत्सव सम्पन्न कराएं।
