बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव का क्षेत्र एक बार फिर एक्टिव हो गया है। इसका असर झारखंड पर भी दिखेगा। मौसम विभाग ने दो अक्टूबर तक कई क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना जताई है। इस दौरान गर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है।
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मौसम विभाग के अनुसार, 27 से 30 सितंबर तक राज्य में कहीं-कहीं पर गर्जन और तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है। वज्रपात का भी अलर्ट है। साथ ही हवा की रफ्तार 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है।
वहीं, राज्य में अगले दो दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में (2-3) डिग्री सेल्सियस की गिरावट होगी। इसके बाद अगले तीन दिनों में इसमें धीरे-धीरे (2-3) डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है।
जमशेदपुर में शुक्रवार को हुई झमाझम बारिश।
सर्वाधिक बारिश 51 एमएम चैनपुर में
इधर, पिछले 24 घंटे में राज्य में कुछ स्थानों पर गर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश हुई। सर्वाधिक बारिश 51 एमएम चैनपुर (पलामू) में दर्ज की गई। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री सेल्सियस सरायकेला में जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस लातेहार में दर्ज की गई।
मानसून विदाई से पूर्व फिर बरसेंगे बादल
मौसम विभाग के अनुसार, 15 अक्टूबर तक देश से मानसून के पूरी तरह विदा होने की संभावना है। लेकिन झारखंड में विदाई से पहले मानसून फिर बरसेगा। क्योंकि, बंगाल की खाड़ी में एक और निम्न दबाव का क्षेत्र बन रहा है। इसका असर झारखंड के अधिकतर जिलों में दिखेगा।
मौसम विभाग रांची के अनुसार, 25 सितंबर को निम्न दबाव का क्षेत्र बना है। इस वजह से 26 सितंबर को साइक्लोनिक सर्कुलेशन में तब्दील हुआ, जो 27 सितंबर को दक्षिण ओडिशा- उत्तर आंध्रप्रदेश तट से गुजर सकता है। इस वजह से झारखंड के कई हिस्सों में रुक-रुककर बारिश हो रही है।

गुमला में भी शुक्रवार को अच्छी-खासी बारिश रिकॉर्ड की गई।
दुर्गा पूजा में भी बारिश से राहत मिलने की संभावना कम
मौसम विभाग के अनुसार, 2 अक्टूबर तक सामान्य से कम बारिश हो सकती है। इस दौरान तेज हवा के साथ कहीं-कहीं वज्रपात होने की भी संभावना है। दुर्गा पूजा में भी बारिश से राहत मिलने की संभावना कम है।
इस दौरान अधिकतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहेगा, लेकिन 3 से 9 अक्टूबर के बीच सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान है। अधिकतम तापमान में कुछ कमी आएगी। इसके बाद 12 अक्टूबर तक मानसून के झारखंड से विदा होने की संभावना है।

रांची में भी शुक्रवार को दोपहर बाद जोरदार बारिश हुई।
राज्य में 18% अधिक बारिश हुई
इधर, इस वर्ष 1 जून से 26 सितंबर तक झारखंड में औसत से बेहतर मानसूनी बारिश दर्ज की गई है। राज्य में कुल 1176.3 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य औसत 999.7 मिमी है। यानी झारखंड में 18% अधिक वर्षा हुई है।
जिलेवार आंकड़े बताते हैं कि पूर्वी सिंहभूम में सबसे अधिक 1625.7 मिमी (51% अधिक) वर्षा हुई। इसके अलावा सरायकेला-खरसावां (50%), लातेहार (36%), रांची (50%), चाईबासा (32%) और चतरा में (10%) सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई।

कोडरमा में भी लगातार बारिश हो रही है।
हालांकि, कुछ जिलों में बारिश सामान्य से काफी कम रही है। इनमें सबसे अधिक कमी पाकुड़ (-31%), गोड्डा (−15%), देवघर (-14%) और गढ़वा में (-7%) दर्ज की गई। बात सितंबर में बारिश की करें तो 1 से 26 सितंबर के बीच राज्य में 165.4 मिमी वर्षा हुई, जबकि सामान्य औसत 200.9 मिमी है। यानी इस अवधि में 18% कम बारिश हुई।
