खंडवा जिले की पहली महिला पटवारी रही कंचन तिवारी को कोर्ट ने सजा सुनाई है। भ्रष्टाचार के मामले में कंचन को 3 साल कैद की सजा और 10 हजार रूपए का जुर्माना लगाया हैं। सजा हरसूद कोर्ट के विशेष न्यायाधीश अरविंदसिंह टेकाम ने सुनाई।
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यह था मामला
दरअसल, मामला 20 जनवरी 2020 का है। हरसूद तहसील क्षेत्र में पदस्थ पटवारी कंचन तिवारी के खिलाफ एक किसान ने नामांतरण के बदले 2500 रूपए मांगने की शिकायत लोकायुक्त से कर दी थी। लोकायुक्त ने पटवारी को दो हजार रूपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया था।
अभियोजन सेल मीडिया प्रभारी हरिप्रसाद बांके अनुसार, हरसूद के निशानिया गांव के किसान राहुल पिता रामजीवन बांके ने पटवारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत की थी। फरियादी ने हलका नंबर 36 की पटवारी कंचन तिवारी को किसान के पिता के नाम से नामांतरित 0.48 हेक्टेयर जमीन ऑनलाइन अपडेट करने का आवेदन दो-तीन माह पहले दिया था।
2500 रुपए मांगे थे
पटवारी कंचन ने इस काम के एवज में 2500 रुपए मांगे थे। इसके बाद 20 जनवरी 2020 को हरसूद के संयुक्त कार्यालय के पटवारी कक्ष में निशानिया गांव की महिला पटवारी कंचन तिवारी को फरियादी राहुल ने जैसे ही रिश्वत के रूप में दो हजार रुपए दिए, वैसे ही इंदौर से आई लोकायुक्त टीम ने उन्हें पकड़ लिया।
