कोच्चिकुछ ही क्षण पहले
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कोर्ट ने बैंक से कहा कि घर खोलकर बिल्ली होने की बात वेरिफाई की जाए।
केरल हाईकोर्ट ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के कर्ज वसूली से जुड़े मामले में बैंक को अंतरिम आदेश में कहा, ‘बैंक ने कर्जदार का घर सीज किया है, जहां उसकी बिल्ली भी है। बैंक घर की तलाशी ले, बिल्ली मिलती है तो मालिक को लौटाए।’ मामला बैंक लोन न चुकाने से जुड़ा है। मामले में अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होगी।

यह है पूरा मामला
दरअसल, मुहम्मद निशाद चेरथला और उसकी पत्नी ने बैंक से लोन लिया था। बदले में अपना घर गिरवी रखा था, लेकिन वो लोन नहीं चुका पा रहा था। उसने बैंक से लोन चुकाने के लिए और समय मांगा, लेकिन बैंक ने SARFAESI एक्ट में उसका घर सीज कर दिया।ट
निशाद का पूरा सामान और उसकी बिल्ली भी घर में बंद हो गई। इसके बाद निशाद ने लोन रिकवरी ट्रिब्यूनल (एर्नाकुलम) से मदद मांगी और कार्रवाई रुकवाने को कहा, लेकिन ट्रिब्यूनल ने मदद से इनकार कर दिया।
निशाद ने मजिस्ट्रेट कोर्ट में याचिका लगाई। कोर्ट ने एडवोकेट कमिश्नर अपॉइन्ट किया। निशाद को निर्देश दिया कि बैंक को ₹7.5 लाख का राशि चुकाए, लेकिन निशाद राशि नहीं चुका पाया।
इसके बाद निशाद ने केरल हाईकोर्ट का रुख किया। कोर्ट को बताया कि मेरे बच्चे नाबालिग हैं, स्कूल में पढ़ रहे हैं। उनका पढ़ाई का सामान और मेरी बिल्ली घर में बंद हैं।
अब पढ़िए केरल हाईकोर्ट से जुड़ी अन्य खबरें…
2 सितंबर: केरल हाईकोर्ट में बदबू की वजह से कार्यवाही स्थगित
2 सितंबर को केरल हाईकोर्ट में सुबह की कार्यवाही शुरू होने के 20 मिनट बाद ही रोकनी पड़ी थी। इसकी वजह ये थी कि को कोर्ट बिल्डिंग की फॉल्स सीलिंग में सिवेट (जंगली जानवर) घुसा हुआ था, उसने वहां पेशाब की थी।
इसकी गंध इतनी तेज थी कि जजों और अन्य लोगों को काफी परेशानी हो रही थी। CJ नितिन जमदार और जस्टिस बसंत बालाजी की डिवीजन बेंच ने सभी मामलों को स्थगित कर दिया था। बाद में कड़ी मशक्कत के बाद सिवेट को पकड़ा गया था।
8 जुलाई: लाइबेरियाई जहाज की जब्ती का आदेश
केरल हाईकोर्ट ने लाइबेरियाई जहाज MSC अकीकेता 2 को जब्त करने का आदेश दिया Le। यह शिप लाइबेरियाई जहाज MSC एल्सा 3 का सहयोगी था, जो 25 मई को कोच्चि के तट पर डूब गया था। दोनों जहाज MSC मेडिटेरेनियन शिपिंग कंपनी के थे।
MSC एल्सा 3 डूबने से हुए पर्यावरणीय और आर्थिक नुकसान पर केरल सरकार ने 9531 करोड़ रुपए के मुआवजे की याचिका लगाई थी। साथ ही सहयोगी जहाज (MSC अकीकेता 2) के भारत से बाहर जाने की आशंका जताते हुए जहाज जब्त करने की मांग की थी।
इस पर कोर्ट ने आदेश दिया था कि शिपिंग कंपनी जब तक मुआवजे की रकम जमा नहीं कर देती तब तक MSC अकीकेता 2 को जब्त रखा जाए। मामला सुलझने तक जहाज भारत से बाहर नहीं जा सकेगा। पूरी खबर पढ़ें…
