कीव5 मिनट पहले
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छात्र गुजरात के मोरबी शहर का रहने वाला है। उसे सिर्फ 16 दिन की मिलिट्री ट्रेनिंग दी गई थी।
रूस की तरफ से जंग लड़ रहे 22 साल के एक भारतीय छात्र माजोती साहिल मोहम्मद हुसैन ने यूक्रेन के सामने सरेंडर कर दिया। माजोती गुजरात के मोरबी शहर का रहने वाला है और रूस में पढ़ाई करने गया था।
यूक्रेन की 63वीं मैकेनाइज्ड ब्रिगेड ने मंगलवार को वीडियो जारी कर बताया कि माजोती को रूस में ड्रग्स केस में 7 साल जेल हुई थी। जेल से बचने के लिए उसे रूसी सेना में शामिल होने का ऑफर दिया गया था।
माजोती ने एक वीडियो में कहा कि वह जेल नहीं जाना चाहता था, इसलिए उसने रूसी सेना का कॉन्ट्रैक्ट साइन कर लिया। उसे सिर्फ 16 दिन की ट्रेनिंग दी गई और 1 अक्टूबर को पहली बार युद्ध में भेजा गया।
तीन दिन बाद अपने कमांडर से झगड़े के बाद उसने यूक्रेनी सेना के सामने सरेंडर कर दिया। उसने बताया- मैंने हथियार डाल दिए और कहा कि मुझे लड़ना नहीं है, मुझे मदद चाहिए। उसने ये सभी बातें रूसी भाषा में कही।
छात्र बोला- रूस वापस नहीं जाना चाहता
माजोती ने कहा कि वह रूस वापस नहीं जाना चाहता। उसने यह भी बताया कि उसे सेना में शामिल होने का पैसा देने का वादा किया गया था, लेकिन उसे कुछ नहीं मिला।
यूक्रेन ने कई विदेशी सैनिकों को रूस के लिए लड़ते पकड़ा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस ने भारत जैसे देशों के लोगों को नौकरी या पढ़ाई का लालच देकर सेना में भर्ती किया।
भारत ने रूस से भारतीयों की भर्ती रोकने की मांग की थी
भारत सरकार ने पिछले महीने रूस से मांग की थी कि वो अपनी सेना में भारतीयों को भर्ती बंद कर दे। साथ ही यह भी कहा था कि पहले से सेना में शामिल हुए भारतीय नागरिकों को भी छोड़ दिया जाए।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जनता को सलाह दी थी कि वे रूस की सेना में भर्ती होने के किसी भी प्रस्ताव पर ध्यान ना दें क्योंकि इसमें खतरा है।
विदेश मंत्रालय ने बताया था- यूक्रेन जंग में 12 भारतीयों की मौत
रूस की तरफ से जंग लड़ रहे 12 भारतीयों की यूक्रेन में मौत हो चुकी है। विदेश मंत्रालय ने जनवरी में ये जानकारी दी थी। अब तक 126 भारतीय नागरिकों के रूसी सेना में शामिल होने के मामले सामने आए हैं।
इनमें से 96 लोग भारत लौट आए। रूस में अभी भी 18 भारतीय नागरिक फंसे होने की खबर है, जिनमें से 16 की कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।
