उवैस चौधरी | इटावाकुछ ही क्षण पहले
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इटावा में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ जहां पात्र किसानों को आर्थिक सहायता देने के लिए शुरू किया गया था, वहीं अब यह योजना जनपद में अपात्र लोगों की कमाई का जरिया बनती दिख रही है। जिले में 11,539 अपात्र लोगों ने इस योजना का गलत लाभ उठाया है। इनमें पति-पत्नी दोनों, नाबालिग बच्चे और विरासत में दर्ज कई नाम शामिल हैं। विभाग अब इन सभी से वसूली की तैयारी कर रहा है। शासन से अनुमति मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।
कृषि विभाग की जांच में सामने आया है कि जिले में हजारों ऐसे परिवार हैं जिनमें पति-पत्नी दोनों ने अलग-अलग आवेदन कर किसान सम्मान निधि की किस्तें प्राप्त की हैं। वहीं लगभग 250 नाबालिग बच्चे भी इस योजना के लाभार्थियों की सूची में शामिल पाए गए हैं। इसके अलावा विरासत में दर्ज हजारों नाम भी अब विभाग के रडार पर हैं। दूसरी ओर, पात्र किसान सही दस्तावेजों के बावजूद भुगतान से वंचित हैं और इन दिनों कृषि कार्यालय के चक्कर काटते नजर आ रहे हैं।

कृषि उपनिदेशक आर.एन. सिंह ने बताया कि वर्ष 2019 में जब यह योजना शुरू हुई थी, तब किसानों को स्वयं घोषणा पत्र भरकर अपनी जानकारी देनी थी। उसमें यह साफ निर्देश था कि पति-पत्नी में से केवल एक व्यक्ति को ही किसान सम्मान निधि मिल सकती है। इसके साथ ही सरकारी कर्मचारी और आयकरदाता को अपात्र माना गया था। बावजूद इसके, कई लोगों ने गलत घोषणा पत्र देकर योजना का अनुचित लाभ उठाया।

उन्होंने कहा कि विभाग ने सभी अपात्र लाभार्थियों की सूची तैयार कर ली है। शासन के निर्देश मिलते ही इनसे खातों में भेजी गई धनराशि की वसूली की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि लगभग 7,900 दंपत्ति, सैकड़ों नाबालिग और हजारों विरासत वाले नाम ऐसे हैं जिन्होंने योजना का गलत फायदा उठाया है।


कृषि कार्यालय में अब पात्र किसान अपने बकाया भुगतान की उम्मीद में दिनभर भटक रहे हैं। उनका कहना है कि जिन लोगों ने योजना का दुरुपयोग किया है, उनसे तो पैसे वापस लिए जाएं, लेकिन जो किसान वाकई पात्र हैं, उन्हें समय से किस्तें मिलनी चाहिए।

कृषि उपनिदेशक आर.एन. सिंह ने बताया कि लगभग 11,500 से अधिक अपात्र लाभार्थी सामने आए हैं, जिनमें करीब 7,900 दंपत्ति और सैकड़ों नाबालिग शामिल हैं। विभाग की ओर से पूरी स्थिति शासन को भेज दी गई है। गलत घोषणा पत्र देने वालों से धनराशि की वसूली की जाएगी।
