कांग्रेस भवन सेक्टर-13 से रोष मार्च निकालते हुए मोहन नगर चौक की तरफ जाते कांग्रेसी कार्यकर्ता।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने ADGP वाई पूरन कुमार की सुसाइड को लेकर रोष मार्च निकाला। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और हाई कोर्ट के सिटिंग जज से घटना की जांच करवाने की मांग की। कांग्रेस के नेताओं ने साफ कि
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इससे पहले सभी कार्यकर्ता सेक्टर-13 में कांग्रेस भवन में इकट्ठा हुए। यहां पर 2 मिनट ADGP वाई पूर्ण कुमार की आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन धारण किया गया। यहां से कार्यकर्ता थानेसर MLA अशोक अरोड़ा, शाहाबाद के MLA रामकरण काला और पूर्व MLA एवं जिलाध्यक्ष मेवा सिंह के नेतृत्व में रोष मार्च निकालते हुए मोहन नगर चौक पहुंचे।
यहां मीडिया से बातचीत में MLA अशोक अरोड़ा ने BJP सरकार पर तीखा हमला बोला है। साथ ही प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था और सरकार की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठाए। अरोड़ा ने कहा कि प्रदेश के सीनियर अधिकारी ने सरकारी व्यवस्था से तंग आकर आत्महत्या कर ली। एक मजबूत अधिकारी, जिसने रॉ में भी सर्विस की और अपना शरीर देश के नाम कर दिया। उसे भी सुसाइड करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
मजबूत नहीं मजबूर मुख्यमंत्री
अरोड़ा ने कहा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलनी चाहिए। हमें हैरानी है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री की। वे आते ही परिवार से कहते हैं कि आपको इंसाफ मिलेगा, लेकिन 6 दिन बीत जाने के बाद भी सो रहे हैं। यह मजबूत मुख्यमंत्री नहीं, मजबूर मुख्यमंत्री है, जो लोगों की बात पूरी नहीं कर पा रहे। इतने दिन बीतने के बाद भी अधिकारी के अंतिम संस्कार में देरी हो रही है।
धर्म के नाम पर लड़ा रही
अशोक अरोड़ा ने कहा कि BJP और RSS लोगों को बांटने का काम कर रही है। जो अधिकारी मरा, वो व्यवस्था से तंग आकर मरा, न कि किसी जाति से। इसलिए भाईचारा बनाकर पूरन कुमार के परिवार को इंसाफ दिलाएं। इस मामले की हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच होनी चाहिए।
परिवार के साथ खड़ी कांग्रेस
जिलाध्यक्ष मेवा सिंह ने कि कहा कि परिवार ने जिन अफसरों के नाम लिए, उन पर अभी तक सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं है। कांग्रेस वाई पूरन कुमार के परिवार के साथ खड़ी है। उनकी मांग है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
