लातेहार पुलिस ने टीएसपीसी उग्रवादी संगठन और प्रताप गंझू गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सोमवार की रात को मुरपा पुलिस पिकेट के पास वाहन जांच के दौरान हुई। पुलिस ने इनके पास से हथियार, कारतूस, मोबाइल फोन और लेवी से संबंधित दस्तावे
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गिरफ्तार उग्रवादियों की पहचान प्रताप गंझू उर्फ महादेव गंझू (निवासी जानी, कुम्हीयागढ़ टोला, हेरहंज, लातेहार), संतोष गंझू (निवासी तरवा, पिपरवार, चतरा) और अशोक गंझू उर्फ जईठा (निवासी तरवा, पिपरवार, चतरा) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से दो देशी पिस्टल, एक कट्टा, 40 से अधिक जिंदा कारतूस, 12 मोबाइल फोन, पांच राउटर, आठ बैटरी और एक कार जब्त की है।
जब्त हथियार।
बड़ी वारदात को अंजाम देने की मिली थी सूचना
इसके अतिरिक्त, कोयला व अन्य व्यापारियों से मांगी गई लेवी से संबंधित डायरी, नोटबुक, मोबाइल नंबरों की सूची और टीएसपीसी के 31 प्रचार पर्चे भी बरामद किए गए हैं। इसकी जानकारी को बालूमाथ एसडीपीओ विनोद रवानी ने दी। एसडीपीओ ने बताया कि एसपी कुमार गौरव को गुप्त सूचना मिली थी कि रांची की ओर से एक काले रंग की कार में टीएसपीसी संगठन के उग्रवादी हथियार लेकर बालूमाथ क्षेत्र में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने जा रहे हैं।
इस सूचना पर एसपी ने तत्काल सत्यापन और कार्रवाई का आदेश दिया। पुलिस की विशेष टीम ने मुरपा पिकेट के पास वाहन चेकिंग शुरू की। इसी दौरान संदिग्ध कार को रोका गया और उसमें सवार तीनों व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में तीनों ने टीएसपीसी संगठन और प्रताप गंझू गिरोह से अपने संबंध होने की बात कबूल की।
प्रताप गंझू पर सात आपराधिक मामले दर्ज
गिरफ्तार मुख्य आरोपी प्रताप गंझू उर्फ महादेव गंझू का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। वह दिलशेर खान हत्याकांड में जेल जा चुका है। उस पर हत्या, लेवी वसूली, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, आर्म्स एक्ट और यूएपीए के तहत कई मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ बालूमाथ और हेरहंज थाना क्षेत्रों में कुल सात आपराधिक मामले दर्ज हैं।
