आजसू छात्र संघ ने बुधवार को धनबाद के बिनोद बिहारी कोयलांचल विश्वविद्यालय (बीबीएमकेयू) परिसर में विश्वविद्यालय अधिकारियों की शव यात्रा निकाली। यह विरोध पीएचडी में नामांकन प्रक्रिया शुरू करने के खिलाफ था, जबकि झारखंड एलिजिबिलिटी टेस्ट (जेईटी) की परीक्ष
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छात्र संघ के सदस्यों ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों की चार अलग-अलग अर्थियां सजाईं। इन अर्थियों को विश्वविद्यालय के प्रांगण में घुमाते हुए “राम नाम सत्य है” और “विश्वविद्यालय प्रशासन मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए गए।
आजसू छात्र संघ के नेता विशाल महतो ने इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन झारखंड के छात्रों को पीएचडी में नामांकन से वंचित रखने की साजिश रच रहा है। उन्होंने मांग की कि जब तक झारखंड सरकार द्वारा आयोजित जेईटी परीक्षा पूरी नहीं हो जाती, तब तक पीएचडी में नामांकन प्रक्रिया रोकी जाए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ग्रामीण इलाकों के कई छात्र जो पीएचडी करना चाहते हैं, वे एंट्रेंस टेस्ट पास नहीं कर पाते, जबकि विश्वविद्यालय ने पीएचडी एंट्रेंस टेस्ट को एक बार लेने के बाद बंद कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि विश्वविद्यालय में कार्यरत एक दर्जन से अधिक कर्मचारियों के रिश्तेदारों ने पीएचडी एंट्रेंस एग्जाम के माध्यम से दाखिला लेकर पीएचडी की है।
विशाल महतो ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को झारखंड के गरीब छात्रों से कोई सरोकार नहीं है और वे केवल अपने निजी स्वार्थ के लिए नई नीतियां बनाते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक झारखंड में जेईटी परीक्षा पूरी नहीं हो जाती, तब तक आजसू छात्र संघ पीएचडी में कोई एडमिशन नहीं होने देगा।
